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इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध, कुछ विदेशी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत सीमा तय
इटली की सरकार ने स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध लगाया और कुछ विदेशी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत सीमा तय की

इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर प्रतिबंध, कुछ विदेशी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत सीमा तय

लेखन गजेंद्र
Sep 25, 2026
01:30 pm

क्या है खबर?

इटली की दक्षिणपंथी सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध को मंजूरी दे दी है। साथ ही, किसी भी कक्षा में विदेशी यानी इतालवी कम बोल पाने वाले छात्रों के अनुपात को भी सीमित कर दिया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने जिस नए स्कूल अध्यादेश को मंजूरी दी है, उसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय के पहले वर्ष में गैर-इतालवी नागरिक बच्चों पर 30 प्रतिशत की सीमा लागू की जाएगी।

अध्यादेश

ससंद से 60 दिन में मंजूरी मिलना जरूरी 

यह अध्यादेश, तब कानून के रूप में लागू हो सकेगा, जब इसे संसद 60 दिनों के भीतर मंजूरी दे दे।

राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला, जिनको संसद से मंजूरी के बाद कानून पर हस्ताक्षर करने हैं, उन्होंने इस सप्ताह संकेत दिया कि वे शिक्षा पर किसी भी प्रकार की बाधा डालने को लेकर चिंतित हैं।

कानून बनने के बाद नियमों का पालन न करने पर 1,140 डॉलर (1 लाख रुपये से अधिक) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अर्थ

30 प्रतिशत नियम का क्या मतलब है?

इटली ने स्कूलों में बुर्का-नकाब पहनने से प्रतिबंधित किया है। हालांकि, हिजाब की अनुमति है।

इसके अलावा, स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत तय की गई है, यानी इटली के स्कूल अब 30 प्रतिशत विदेशी छात्रों को ले सकेंगे। हालांकि, जिन स्कूलों में संख्या ज्यादा है, उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी।

प्राथमिक विद्यालयों में इटली में पैदा न होने वाले और माध्यमिक में इटली की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में 3 वर्ष पूरे न करने वाले नियम के अंतर्गत आएंगे।

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फैसला

मेलोनी सरकार ने क्यों लिया यह निर्णय?

मेलोनी का कहना है कि इटली की सड़कों या स्कूलों में जेंडर इक्वालिटी (स्त्री-पुरुष समानता) पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। वो बुर्का-नकाब प्रतिबंधित कर स्त्री-पुरुष समानता को बढ़ावा देना चाहती हैं।

विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने पर मेलोनी ने कहा कि अगर किसी कक्षा में इतालवी भाषा न समझने वाले विदेशी मूल के बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती है, तो उनके लिए स्कूल में तेजी से घुलना-मिलना और भाषा सीखना मुश्किल हो सकता है।

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