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फ्लाईदुबई से मिले आपातकाल संदेश के बाद इजरायल विमान मार गिराने को तैयार था- रिपोर्ट
फ्लाईदुबई से मिले आपातकाल संदेश के बाद इजरायल विमान मार गिराने को तैयार था

फ्लाईदुबई से मिले आपातकाल संदेश के बाद इजरायल विमान मार गिराने को तैयार था- रिपोर्ट

लेखन गजेंद्र
Oct 06, 2026
09:53 am

क्या है खबर?

पिछले दिनों दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान में हुई घटना को लेकर अमेरिका के CBS न्यूज ने बड़ा खुलासा किया है। उसने 2 इजरायली सूत्रों के हवाले से बताया कि जब इजरायल को विमान के कॉकपिट में कैप्टन पर हमले की जानकारी मिली तो देश फ्लाईदुबई की उड़ान को मार गिराने को तैयार हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने कॉकपिट में संपर्क स्थापित करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

हमला

सऊदी अरब लौटने के बाद इजरायली विमान वापस लौटे

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की संभावित 9/11 जैसी घटना से निपटने के लिए इजरायल के पास एक सुस्थापित प्रक्रिया है। इजरायली वायुसेना को कॉकपिट से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पहले से मौजूद आपातकालीन तंत्र को सक्रिय किया गया, एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया।

इसके बाद तुरंत लड़ाकू विमानों को भेजकर इजरायल का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया।

हालांकि, विमान के सऊदी अरब की ओर मुड़ने इजरायल ने अपने सभी लड़ाकू विमान वापस बुला लिए।

जांच

तेल अवीव के करीब पहुंचने पर विमान की स्थिति जानते लड़ाकू पायलट

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर विमान तेल अवीव के करीब आ जाता तो इजरायली लड़ाकू पायलट कॉकपिट का निरीक्षण करने और कॉकपिट में मौजूद लोगों से दृश्य संपर्क स्थापित करने की कोशिश करते।

साथ ही वे केबिन में भी यात्रियों की स्थिति का आकलन करते। इस आकलन से पायलटों का उद्देश्य विमान के अपहरण की स्थिति को जानना होता।

अगर अपहरण की पुष्टि होती और हमलावरों की प्रतिक्रिया न मिलती तो मामले को रक्षा मंत्री और इजरायली प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाता।

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फैसला

प्रधानमंत्री नेतन्याहू लेते विमान को मार गिराने का अंतिम निर्णय

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अपहरण सफल हो जाता और विमान इजरायल बढ़ता रहता, तो बेन गुरियन हवाई अड्डे या अजरीली केंद्र सहित संवेदनशील लक्ष्यों पर संभावित हमले को रोकने के लिए पहले ही विमान को रोक दिया जाता।

प्रोटोकॉल के अनुसार, इजरायल की ओर आ रही किसी भी अनियंत्रित उड़ान को मार गिराया जाना चाहिए, लेकिन यह निर्णय केवल प्रधानमंत्री ही ले सकते थे।

इजरायल में यात्री विमान को मार गिराना सैकड़ों लोगों की जान लेने से बेहतर माना जाएगा।

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जांच

सऊदी अरब ने भी रवाना किया था लड़ाकू विमान

करीब 150 इजरायली यात्रियों वाले विमान से आपातकालीन संदेश मिलने के बाद न केवल इजरायल ने बल्कि सऊदी अरब ने भी अपने लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। हालांकि, उनकी जरूरत नहीं पड़ी।

उड़ान के ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मानी के चाकू हमले से घायल होने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू कर लिया।

इससे बड़ी घटना रुक गई। अल-हम्मामी UAE पुलिस की हिरासत में है।

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