नेपाल से लेकर इजरायल तक; 2025 में हुए तख्तापलट, विद्रोह और युद्धविरामों की कहानी
क्या है खबर?
बीता साल यानी 2025 वैश्विक स्तर पर कई बड़ी राजनीतिक घटनाओं का गवाह रहा। बांग्लादेश और नेपाल जैसे भारत के पड़ोसी देश उथल-पुथल से गुजरे तो कई देशों में भी सेना ने तख्तापलट किया। इसके साथ ही रूस-युक्रेन और इजरायल-हमास के बीच युद्ध की चर्चा सालभर होती रही। एक युद्ध थम गया, तो दूसरे में युद्धविराम की कोशिशे अभी भी जारी हैं। आइए 2025 की उथल-पुथल भरी घटनाए जानते हैं।
नेपाल
नेपाल में जेन जी आंदोलन, ओली की सत्ता गई
नेपाल में भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता से तंग आकर युवा आंदोलनकारियों ने सरकार को गिरा दिया। लंबे समय से कई मुद्दों से परेशान युवाओं का गुस्सा सितंबर में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बाद फूट पड़ा। नतीजतन जेन जी सड़कों पर उतर आई और संसद समेत देश के अहम संस्थानों पर कब्जा कर लिया। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। हालांकि, इस विद्रोह में 70 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।
अफ्रीका
कई देशों में सेना ने किया तख्तापलट
2025 में कई देशों में सैन्य तख्तापलट हुआ। मेडागास्कर में ऊर्जा संकट को लेकर शुरू हुए युवाओं के प्रदर्शन का अंत आखिरकार राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना के पद छोड़ने से हुआ। कर्नल माइकल रैंड्रिआनिरीना नए राष्ट्रपति बने। सूडान फिलहाल दुनिया का सबसे विनाशकारी युद्ध क्षेत्र बना हुआ है। यहां सेना और RSF के बीच युद्ध के चलते करोड़ों लोग विस्थापित हुए हैं। बेनिन में भी असफल तख्तापलट का प्रयास हुआ। हैती में भी सालभर ही संघर्ष जारी रहा।
ताइवान
ताइवान को लेकर भिड़ते रहे चीन-अमेरिका
ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच सालभर तनातनी चलती रही। साल के अंत में ये तनाव और बढ़ गया, जब चीन ने द्वीप के आसपास सैन्य गतिविधियों में तेजी से वृद्धि की। अमेरिका ने ताइवान के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के हथियार पैकेज को मंजूरी दी। यह ताइवान के साथ अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा हथियार सौदा है। अमेरिका ताइवान को रॉकेट लॉन्चर, तोपखाने, टैंक-रोधी प्रणाली और अन्य उपकरण देगा।
हमास
इजरायल-हमास में हुआ युद्धविराम
7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल और हमास के बीच शुरू हुआ युद्ध इस साल खत्म हुआ। अक्टूबर में अमेरिका की मध्यस्थता से लागू हुए युद्धविराम के तहत हमास ने बाकी बचे 20 जीवित बंधकों को रिहा किया। इसके बदले में इजरायल ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदी छोड़े। हालांकि, भले ही गोलीबारी रुक गई हो, लेकिन अभी भी युद्धविराम की अस्पष्ट शर्तों, गाजा में राहत सामग्री की भारी कमी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल है।
रूस-यूक्रेन
कामयाब नहीं हुई रूस-यूक्रेन में युद्धविराम की कोशिशें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर वे रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा देंगे। हालांकि, उन्हें राष्ट्रपति बने एक साल होने को है, लेकिन युद्ध अभी तक जारी है। इस बीच ट्रंप खुद व्यक्तिगत तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोडिमीर जेलेंस्की से मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अमेरिका ने शांति प्रस्ताव पेश किया, जिस पर भी बात आगे नहीं बढ़ी।