इजरायल में वोटों की 100 प्रतिशत गिनती पूरी, नेतन्याहू गुट आगे लेकिन बहुमत से दूर
क्या है खबर?
इजरायल में संसदीय चुनाव के लिए हुए मतदान की गिनती खत्म हो चुकी है। चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गुट 53 सीटों के साथ आगे है, लेकिन बहुमत की 61 सीटों से दूर है। नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी गादी आइजनकोट के गुट को 48 सीटें मिली हैं और अरब पार्टियों को 19 सीटें मिली हैं। अब अरब पार्टियों के सहयोग से इजरायल में नई सरकार बनने की संभावना है। इसके लिए पार्टियों के बीच बैठक शुरू हो गई है।
नतीजे
4 नवंबर को आधिकारिक तौर पर सामने आएगा परिणाम
केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार सुबह संसदीय चुनाव के अंतिम परिणाम जारी कर दिया और कहा कि अब गलतियां और शिकायत ली जाएंगी।
समिति ने बताया कि गलतियों या शिकायतों की आखिरी जांच पूरी करने के बाद, बुधवार 4 नवंबर को राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को पूरे आधिकारिक नतीजे दिखाए जाएंगे।
समिति ने बताया कि नेसट की 120 सीटों के लिए 57 लाख वोट पड़े थे, जो कुल मतदान का 77.9 प्रतिशत है। यह दशकों में उच्चतम आंकड़ा है।
वोट
किस पार्टी को कितने वोट मिले?
अंतिम परिणाम के मुताबिक, नेतन्याहू की लिकुड को 27 सीटें मिली हैं। उनके गुट में शामिल दक्षिणपंथी शास पार्टी को 6, यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म को 7, ओत्जमा येहूदित को 7 और रिलिजियस जियोनिज्म को 6 सीटें मिली हैं।
आइजनकोट की याशर पार्टी को 21 सीटें मिली हैं। उनके गुट में शामिल बी'याचद को 12, डेमोक्रेट्स को 8 और यिसराइल बेयतेनु को 7 सीटें मिली हैं।
अरब पार्टियों में शामिल जॉइंट लिस्ट को 11 और रा'आम को 8 सीटें मिली हैं।
पहल
अरब पार्टियों की सीटें बढ़ने से नेतन्याहू की राहें मुश्किल
अरब के मतदाताओं के मतदान में आगे रहने के कारण, इस बार उसकी पार्टियों ने अब तक की सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं, जो अभी की 10 सीटों से लगभग दोगुनी हैं।
अरब पार्टियों की सीटें बढ़ने से नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने मतदान के दौरान अरब पार्टियों को आतंकवाद का सहयोगी बताया था और कहा था कि उनके साथ सरकार नहीं बनाएंगे।
आइजनकोट का गुट भी अरब पार्टियों से सहयोग को लेकर अभी बंटा हुआ है।
शपथ
इजरायल में 10 नवंबर को शपथ
चुनाव समिति द्वारा 4 नवंबर को राष्ट्रपति हर्जोग को आधिकारिक नतीजे सौंपे जाने के बाद, राष्ट्रपति हर पार्टी के नेता से मिलेंगे।
वह उस व्यक्ति के लिए अपनी सिफारिश जारी करेंगे जिसके बारे में उनका मानना है कि उसे अगली सरकार बनानी चाहिए।
बहुमत के 61 सीटों को जुटाने तक सरकार बनाने की बातचीत 2 महीने तक चल सकती है। हालांकि, इस बीच 10 नवंबर को नेसेट में शपथ ग्रहण समारोह होगा।