ईरानी राजदूत ने UNSC अध्यक्ष से किया राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों की निंदा करने का आग्रह
क्या है खबर?
ईरान के संयुक्त राष्ट्र (UN) राजदूत अमीर सईद इरावानी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) अध्यक्ष को पत्र लिखकर ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उकसाने वाले बयानों की निंदा करने का आग्रह किया है। बता दें कि ट्रंप ने कहा था कि ईरान चल रहे प्रदर्शनों में और प्रदर्शनकारी मारे जाते हैं तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार और तत्पर है।
आरोप
ईरान ने लगाया हिंसा भड़काने और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप
ईरानी राजदूत ने ट्रंप की टिप्पणियों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां ईरान के भीतर हिंसा, अशांति और आतंकवादी कृत्यों को भड़काने के समान हैं। ईरानी राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ऐसी धमकियां प्रतिबंधित हैं। उन्होंने अमेरिका पर ईरान की संप्रभुता के खिलाफ दबाव या हस्तक्षेप के बहाने अशांति को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है।
चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को दी परिणाम भुगतने की चेतावनी
अपने पत्र में ईरानी राजदूत ने चेतावनी दी कि इन बयानों से उत्पन्न होने वाले किसी भी परिणाम के लिए अमेरिका पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। उन्होंने ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के इतिहास का भी हवाला दिया, जिसमें 1953 का तख्तापलट और ईरान-इराक युद्ध के दौरान सद्दाम हुसैन को समर्थन देना शामिल है। ईरानी दूत ने UNSC से ट्रंप की टिप्पणियों की निंदा करने और ईरान के खिलाफ सभी धमकियों को समाप्त करने की मांग की है।
धमकी
विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप की धमकी को लेकर ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान में आर्थिक तंगी के कारण विरोध प्रदर्शन भड़के हैं, दुकानदार ऊंची कीमतों के विरोध में हड़ताल पर उतर आए हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्वीकार किया कि इस स्थिति के लिए सरकार दोषी है और उन्होंने इस समस्या का जल्द ही समाधान खोजने का वादा भी किया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की टिप्पणियों को लापरवाह और खतरनाक बताते हुए जोर दिया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और आर्थिक दबाव के कारण हो रहे थे।
विरोध
ईरान में क्या है विरोध प्रदर्शनों की स्थिति?
विरोध प्रदर्शन पूरे ईरान में फैल गए हैं। कोम, मशहद और तेहरान जैसे शहरों में भी लोग जमा हो रहे हैं। इस अशांति में कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है। मौजूदा प्रदर्शन 2022 के बाद से सबसे बड़े हैं। जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के दौरान अमेरिका ने ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर मिसाइलें दागकर उन्हें बेहद सफल हमला बताया था। उसके बाद से अमेरिका और ईरान में तनाव है।