अमेरिकी सेना के हमले में गई ईरान की 165 छात्राओं की जान? अमेरिकी जांच जारी
क्या है खबर?
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुक्रवार को सातवें दिन में पहुंच गया है। इस बीच, ईरान के मीनाब में हुई 165 छात्राओं की मौत को लेकर दुनियाभर में आक्रोश दिख रहा है। रॉयटर्स ने बताया कि अमेरिकी सेना की ओर से इस हमले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने यह हमला किया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
जांच
जांच में मिल सकती है क्लीन चिट
अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने बताया नए सबूत सामने आ सकते हैं, जो अमेरिका को हमले का दोषी न ठहराकर किसी अन्य पक्ष की ओर इशारा कर सकते हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, मामले में अभी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं, जिसमें किस आधार पर प्रारंभिक आकलन हुआ, गोला-बारूद कैसा था, हमले को किसने अधिकृत किया और स्कूल को क्यों निशाना बनाया गया शामिल है। यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में कितना समय लग सकता है।
घटना
क्या है बच्चों की मौत का मामला?
शनिवार 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के पहले दिन मीनाब में यह घटना घटी थी। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने कहा कि हमले में लड़कियों के स्कूल में 165 छात्राएं मारी गईं। हालांकि, मृतकों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने मंगलवार को पीड़ितों के अंतिम संस्कार को दिखाया था, जिसमें सड़कों पर भारी हुजूम जुटा था।
बयान
ट्रंप प्रशासन का घटना पर क्या कहना है?
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "सेना इस घटना की जांच कर रही है, अमेरिका कभी नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाते। हम मामले की जांच कर रहे हैं।" व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने घटना को प्रोपेगेंडा बताते हुए कहा, "युद्ध विभाग इस मामले की जांच कर रहा है।" अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि वाशिंगटन जानबूझकर किसी स्कूल पर हमला नहीं करेगा।