#NewsBytesExplainer: होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब बंद करेगा ईरान? ये कितना अहम, क्या होगा असर?
क्या है खबर?
होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद ईरान एक और अहम समुद्री मार्ग बाब अल-मंदेब को बंद करने की योजना बना रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान ने अपने हूथी सहयोगियों से कहा है कि अगर अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाता है, तो वे बाब अल-मंदेब को बंद कर दें। अगर बाब अल-मंदेब बंद हुआ तो दुनिया का समुद्री व्यापार लगभग ठप हो जाएगा। आइए इसके बारे में जानते हैं।
बाब अल-मंदेब
सबसे पहले बाब अल-मंदेब के बारे में जानिए
बाब अल-मंदेब अरब प्रायद्वीप और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है। यह उत्तर-पश्चिम में लाल सागर को दक्षिण-पूर्व में अदन की खाड़ी और अरब सागर या हिंद महासागर से जोड़ता है।
यह करीब 32 किलोमीटर चौड़ा जलडमरूमध्य है।
संयुक्त राष्ट्र के पश्चिमी एशिया आर्थिक और सामाजिक आयोग के अनुसार, पेरिम के ज्वालामुखी द्वीप द्वारा यह जलडमरूमध्य 2 चैनलों में बंटा हुआ है- एक 26 किलोमीटर चौड़ा पश्चिमी चैनल और एक 3 किलोमीटर चौड़ा पूर्वी चैनल।
अहमियत
कितना अहम है बाब अल-मंदेब?
बाब अल-मंदेब लाल सागर से स्वेज नहर तक का सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग है।
यह हिंद महासागर से लाल सागर में प्रवेश करने का इकलौता रास्ता भी है।
यह स्वेज नहर से जुड़ता है, जिसके चलते ये एशिया और यूरोप के बीच सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग है।
अगर ये बंद होता है, तो जहाजों को दक्षिण अफ्रीका में केप ऑफ गुड होप से होकर जाना पड़ेगा। इससे सफर में 10-15 दिन ज्यादा लगेंगे और लागत भी बढ़ेगी।
व्यापार
बाब अल-मंदेब से कितने जहाज गुजरते हैं?
आमतौर पर बाब अल-मंदेब से रोजाना 70-75 और सालाना करीब 20,000 से ज्यादा जहाज गुजरते हैं।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा यहां से गुजरता है, जिसमें से अधिकांश स्वेज नहर और यूरोप की ओर जाता है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के मुताबिक, 2020 में यहां से रोजाना 5.7 मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम पदार्थों की आवाजाही हुई थी। 2023 में ये आंकड़ा बढ़कर 9.3 मिलियन प्रतिदिन हो गया।
होर्मुज
होर्मुज बंद होने से बढ़ गई बाब अल-मंदेब की अहमियत
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया तो वैकल्पिक मार्ग के तौर पर बाब अल-मंदेब से जहाजों की आवाजाही बढ़ गई।
फोर्ब्स के अनुसार, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी तेल क्षेत्रों से लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक जाने वाली पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन से प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल उत्पादन किया।
यह तेल लाल सागर को पार करते हुए बाब अल-मंदेब बंदरगाह से होते हुए दक्षिण कोरिया और चीन सहित एशियाई बाजारों तक पहुंचता है।
युद्ध
ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान कैसे बढ़ी बाब अल-मंदेब की अहमियत?
EIA के अनुसार, बाब अल-मंदेब से कच्चे तेल का प्रवाह 2025 की पहली तिमाही में 3.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। युद्ध के चलते 2026 की पहली तिमाही में ये बढ़कर 5.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया।
वहीं, 2025 की दूसरी तिमाही में LNG का प्रवाह यहां से लगभग बंद हो गया था, लेकिन 2026 की पहली तिमाही में 2.9 बिलियन घन फीट LNG प्रतिदिन भेजी गई। यानी ये होर्मुज के विकल्प के तौर पर काम कर रहा है।
दोनों रास्ते
अगर होर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों बंद हुए तो क्या होगा?
अगर होर्मुज और बाब अल-मंदेब दोनों बंद हुए तो जहाजों को एशिया और यूरोप के बीच आवाजाही के लिए केप ऑफ गुड होप से घूमकर लंबा चक्कर लगाना होगा। इससे समय और लागत दोनों बढ़ेगी।
कंसल्टेंसी फर्म एफिसो के सप्लाई चेन विशेषज्ञ यवेस गुइलो ने AFP से कहा, "लाल सागर में बदलाव के कारण एशिया और यूरोप के बीच परिवहन समय में औसतन 2 सप्ताह की वृद्धि हुई है और ईंधन की खपत 30 से 50 प्रतिशत बढ़ गई है।"