ईरान ने बहरीन, कतर, सऊदी अरब समेत कई देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया हमला
क्या है खबर?
अमेरिका और इजरायल का ईरान पर संयुक्त हमला पूरे मध्य-पूर्व को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर, कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन समेत 7 देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें फ्लीट के मुख्यालय को मिसाइल हमले का लक्ष्य बनाया गया है। कुवैत में भी धमाकों के बाद सायरन बजना शुरू हो गए हैं।
हमला
अबू धाबी में भी धमाका
रॉयटर्स ने बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी से एक जोरदार धमाके की खबर मिली है। UAE में अमेरिका का अल दाफ्रा एयर बेस है। इसके बाद कतर, कुवैत और UAE ने अपने एयरस्पेस तुरंत प्रभाव से बंद कर दिए हैं। कतर ने मोबाइल पर अलर्ट जारी कर सभी लोगों को सलाह दी है कि वे घर पर रहें और सैन्य अड्डों से दूर रहें।
सऊदी अरब
सऊदी अरब के रियाद में भी धमाका
AFP ने बताया कि सऊदी अरब के रियाद में भी धमाकों की खबर दे रही है। ईरान की फार्स एजेंसी के मुताबिक, कतर में अल-उदीद एयर बेस, कुवैत में अल-सलेम एयर बेस, UAE में अल-धफरा एयर बेस और बहरीन में 5 US बेस को ईरानी मिसाइल हमलों का निशाना बनाया गया है। दुबई और अबु धाबी में लगातार धमाके की खबरें सामने आ रही हैं।
UAE
UAE में एक व्यक्ति की मौत
UAE के रक्षा मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा, "यह हमला राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है और सरकार इस बढ़ोतरी का जवाब देने और अपने इलाके की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखती है। सरकार किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।" मंत्रालय ने बताया कि अबू धाबी में एक रिहायशी इलाके पर छर्रे गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई।
कतर
कतर बोला- सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने हमले को नाकाम कर दिया है। मंत्रालय ने कहा, "खतरे का पता चलते ही पूर्व निर्धारित योजना के तहत तुरंत निपटा गया और सभी मिसाइलों को कतरी इलाके में पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। हमारे पास देश की रक्षा करने और बाहरी खतरे से बचने की पूरी काबिलियत है।" मंत्रालय ने कहा कि हालात सुरक्षित और स्थिर हैं। कतर की उड्डयन मंत्रालय ने एयरस्पेस बंद कर दिया है।
बयान
ईरान की चेतावनी- हमलावरों को पछतावा होगा
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा, "ईरान के खिलाफ अमेरिका और जायोनी शासन का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। ईरान इस बात पर जोर देता है कि वह मजबूती से जवाब देने का कानूनी अधिकार रखता है। सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इतिहास बताता है कि ईरानियों ने कभी भी हार नहीं मानी है। इस बार भी ईरान का जवाब निर्णायक होगा और हमलावरों को अपने कामों पर पछतावा होगा।"