ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कोमा में, हमले में एक पैर कटा- रिपोर्ट
क्या है खबर?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर नए दावे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी-इजरायली हमले में वे बुरी तरह घायल हो गए हैं और फिलहाल एक अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। ब्रिटिश मीडिया द सन ने दावा किया है कि मोजतबा कथित तौर पर कोमा में हैं और उनका कम से कम एक पैर कट गया है। फिलहाल तेहरान में उनका इलाज चल रहा है।
रिपोर्ट
खामेनेई के लिवर को भी गंभीर नुकसान- रिपोर्ट
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि खामेनेई ने कम से कम एक पैर खो दिया है और उन्हें पेट या लीवर में गंभीर क्षति भी हुई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोजतबा भी 28 फरवरी को हुए उसी हमले में घायल हुए, जिसमें उनके 86 वर्षीय पिता की मौत हो गई थी। ये दावा किया गया है कि मोजतबा फिलहाल ईरान की युद्ध रणनीति का निर्देशन नहीं कर रहे हैं।
सूत्र
कड़ी सुरक्षा के बीच तेहरान के अस्पताल में भर्ती हैं खामेनेई
अखबार के अनुसार, खामेनेई का तेहरान के सीना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज चल रहा है। अखबार से बात करते हुए एक सूत्र ने कहा, "खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है। उनके एक या दो पैर काट दिए गए हैं। उनका लिवर या पेट भी फट गया है। वह जाहिर तौर पर कोमा में है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुभवी सर्जन और ईरान के स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रजा जफरघांडी खामेनेई का इलाज कर रहे हैं।
अमेरिका
ट्रंप बोले- खामेनेई किसी न किसी रूप में जिंदा हैं
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि खामेनेई अभी भी 'किसी न किसी रूप में' जीवित हैं, भले ही पद संभालने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। फॉक्स न्यूज रेडियो पर 'ब्रायन किल्मीड शो' से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि शायद वे जीवित हैं। मुझे लगता है कि उन्हें चोट लगी है, लेकिन मुझे लगता है कि वे शायद किसी न किसी रूप में जीवित हैं।"
इजरायल
इजरायली सेना ने पूछा- कहां हैं खामेनेई?
इजरायल की सेना ने खामेनेई को लेकर सवाल उठाया है। सेना ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुजतबा कहां हैं? वह लोगों से 'बात' कर रहे हैं, लेकिन उनका चेहरा क्यों नहीं दिख रहा? वह क्या छिपने की कोशिश कर रहे हैं? ईरान के लोगों को अपने चुने हुए नेता से यह जवाब मिलना चाहिए कि असफल नेतृत्व और आतंकवाद का समर्थन कर देश को मौजूदा हालात में क्यों पहुंचाया गया।'