ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन को लेकर पहली फांसी, 26 वर्षीय युवक को दी जाएगी सजा
क्या है खबर?
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के बीच पहली फांसी की तैयारी हो रही है। सरकार ने 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 8 जनवरी को गिरफ्तार किया था। वह तेहरान के कराज उपनगर में फरदिस के निवासी हैं। गैर-सरकारी संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) के मुताबिक, उनके परिवार ने बताया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है और यह सजा 14 जनवरी को दी जानी है।
सजा
सोलतानी पर क्या है आरोप?
नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान (NUFD) के अनुसार, सोलतानी पर "ईश्वर के विरुद्ध युद्ध छेड़ने" का आरोप लगाया गया है, जो ईरान में मृत्युदंड के योग्य अपराध है। सोलतानी को कथित तौर पर वकील से मिलने से वंचित कर दिया गया है। NUFD ने सोलतानी की फांसी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील की है और कहा कि सोलतानी का एकमात्र अपराध ईरान के लिए स्वतंत्रता की मांग करना था। इसके लिए मुहिम चलाई जा रही है।
विरोध
ईरान में अब तक 648 लोगों की मौत
ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। अभी तक 648 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, जिसमें नौ बच्चे और कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। IHRNGO के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दाम ने एक बयान में कहा कि ईरान में नागरिक प्रदर्शनकारियों की व्यापक हत्या 1980 के दशक में शासन द्वारा किए गए अपराधों की याद दिलाती है, जिन्हें मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में मान्यता दी गई है। ईरान में 11,000 लोग पुलिस हिरासत में हैं।
प्रदर्शन
ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को 'ईश्वर का शत्रु' माना
ईरान में तेहरान समेत कई शहरों में लोग खामेनेई के धार्मिक शासन को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। वे देश में आर्थिक संकट से परेशान हैं। हालांकि, खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को 'उपद्रवियों का समूह' कहा है और देश में अशांति के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोषी ठहराया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि प्रदर्शनों में भाग लेने वाले लोगों को 'ईश्वर का शत्रु' माना जाएगा और कानून के तहत मृत्युदंड दिया जा सकता है।