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होर्मुज से निकलने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा ईरान, चीनी मुद्रा में होगा लेन-देन- रिपोर्ट
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है

होर्मुज से निकलने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा ईरान, चीनी मुद्रा में होगा लेन-देन- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Apr 03, 2026
01:54 pm

क्या है खबर?

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित तरीके से निकालने के बदले में टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जहाजों से चीन की मुद्रा युआन या क्रिप्टोकरेंसी में 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) तक वसूले जा सकते हैं। दरअसल, इसी हफ्ते ईरान की संसद ने एक विधेयक पारित किया था, जिसमें होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए टोल लगाने का प्रावधान है।

रिपोर्ट

जहाजों को IRGC को देनी होगी हर जानकारी 

ब्लूमबर्ग ने मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से बताया है कि नई प्रस्तावित प्रक्रिया में टैंकरों और जहाजों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से जुड़ी एक कंपनी को पैसे देना होंगे। फिर होर्मुज पहुंचने से पहले जहाजों को अपने मालिकाना हक, झंडे, लदे हुए सामान, गंतव्य और चालक दल के सदस्यों समेत पूरी जानकारी IRGC को देनी होगी। इसके बाद IRGC जांच करेगी कि जहाजों का अमेरिका या इजरायल से कोई संबंध है या नहीं।

तरीका

जहाजों को प्रसारित करना होगा गोपनीय सिग्नल

एक बार IRGC को जहाज से टोल और दस्तावेज की पूरी जानकारी मिल जाएगी, तो जहाजों पर किसी गैर-शत्रु देश का झंडा लगाया जाएगा। जहाजों को उच्च आवृत्ति का एक गोपनीय सिग्नल भी प्रसारित करना होगा। इससे ईरानी नौसेना जहाज की पहचान कर पाएगी और उसे जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से पार कराएगी। तेल टैंकरों से एक बैरल कच्चे तेल के लिए लगभग 1 डॉलर शुल्क वसूला जा सकता है।

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बयान

ईरान बोला- टोल वसूले जाने का पूरा अधिकार

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को लिखे एक पत्र में जहाजों से टोल वसूले जाने का बचाव किया है। पत्र में कहा गया है, "जलडमरूमध्य से सटे तटीय राज्य के रूप में, ईरान के इस्लामी गणराज्य ने अंतरराष्ट्रीय कानून के स्थापित सिद्धांतों और नियमों का पूरी तरह से पालन करते हुए, हमलावरों से संबंधित या उनसे जुड़े जहाजों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है।" ईरान ने कहा कि सभी 'गैर-शत्रुतापूर्ण' जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा।

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जहाज

होर्मुज में करीब 4,000 जहाज फंसे

अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है। यहां से कुल वैश्विक तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट सामने आया है। फिलहाल होर्मुज के दोनों ओर करीब 2,000 जहाजों ने लंगर डाल रखा है। ईरान ने होर्मुज को खोलने के लिए युद्धविराम और भविष्य में हमला न होने समेत कई शर्तें रखी हैं।

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