होर्मुज जलडमरूमध्य में दुश्मन जहाजों को रोकना है ईरान का कानूनी अधिकार- अब्बास अराघची
क्या है खबर?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मूज जलडमरूमंध्य के दुश्मन जहाजों को रोकने के अपने निर्णय को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने मामले में संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुश्मन जहाजों के गुजरने को रोकना ईरान का कानूनी अधिकार है। उन्होंने जलडमरूमध्य में मौजूदा स्थिति का कारण अमेरिका और इजरायल की द्वारा कानून का उल्लंघन और आक्रामकता को बताया है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
बयान
अराघची ने क्या दिया बयान?
अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से कहा, "वर्तमान युद्ध में शत्रुओं और उनके सहयोगियों से संबंधित या उनसे जुड़े जहाजों की होर्मूज जलडमरूमध्य से आवाजाही को रोकना एक तटीय राज्य के रूप में ईरान का कानूनी अधिकार है। हालांकि, जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने दायित्वों से अवगत ईरान के सक्षम अधिकारियों ने अन्य देशों के जहाजों को वहां से निकालने के लिए आवश्यक उपाय भी अपनाए हैं।"
आरोप
अराघची ने लगाया यह आरोप
अराघची ने अमेरिकी सेना पर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और दावा किया कि अमेरिकी सेना सैन्य ठिकानों से भागने के बाद होटलों और कार्यालयों में छिपी हुई है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट और एक होटल बुकिंग रसीद दिखाते हुए खाड़ी के होटलों से ऐसे अधिकारियों को कमरे न देने को कहा है। उन्होंने कहा कि उनकी उपस्थिति नागरिकों के लिए खतरा हो सकती है।
विचाराधीन
जलडमरूमध्य टोल प्रस्ताव विचाराधीन है
इस बीच, ईरान की संसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सुरक्षा और निगरानी के लिए शुल्क लगाने हेतु एक विधेयक का मसौदा तैयार कर रही है। ब्लूमबर्ग द्वारा फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, इस मसौदे को अगले सप्ताह तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान की संप्रभुता को औपचारिक रूप से मान्यता देना और टोल के माध्यम से राजस्व जुटाना है।
अनुमति
ईरान ने किन देशों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी?
ईरान ने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित कुछ मित्र देशों को जलडमरूमध्य का उपयोग करने की अनुमति दी है। इस कदम से जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे 20 भारतीय मालवाहक जहाजों को पारगमन की अनुमति मिल जाएगी और 18 खाली LPG टैंकर लोडिंग के लिए गुजर सकेंगे। अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान के दुश्मनों से जुड़े जहाजों को 52 किलोमीटर लंबे जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसे उन्होंने युद्ध क्षेत्र बताया।