ईरान ने अमेरिका के सबसे बड़े विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर दागी मिसाइलें
क्या है खबर?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायली हमलों में मौत होने के बाद ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खाड़ी में अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर हमला करने का दावा किया है। यह वही युद्धपोत है जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए किया था। IRGC ने कहा, "अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। जमीन और समुद्र तेजी से आतंकवादी हमलावरों का कब्रिस्तान बनते जाएंगे।"
बयान
IRGC ने क्या जारी किया बयान?
IRGC ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी-जायोनी शत्रु ठिकानों पर हमले एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं। स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित बयान में कहा गया है, "दुश्मन की थकी हुई सैन्य शक्ति के विरुद्ध इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बलों के शक्तिशाली हमले एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं और भूमि और समुद्र तेजी से आतंकवादी हमलावरों का कब्रिस्तान बनते जाएंगे। हमले तेजी से आगे भी जारी रहेंगे।"
चेतावनी
ईरान ने रविवार को खाड़ी क्षेत्र में हमले किए
इससे पहले, ईरान ने रविवार को खाड़ी क्षेत्र में हमले किए और खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई। उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अभूतपूर्व बल प्रयोग की धमकी को चुनौती दी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खामेनेई की हत्या को मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया और चेतावनी दी है कि ईरान इस ऐतिहासिक अपराध के अपराधियों और साजिशकर्ताओं से बदला लेना अपना वैध कर्तव्य और अधिकार मानता है।
मौत
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में हुई खामेनेई की मौत
इजरायली सेना ने रविवार को कहा कि खामेनेई इजरायली वायु सेना द्वारा चलाए गए एक बड़े अभियान में मारे गए। खामेनेई की मौत को पहला कदम बताते हुए सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने कहा कि शुरुआती हमले में खामेनेई समेत 40 वरिष्ठ कमांडरों को एक मिनट के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर मार गिराया गया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी रविवार को खामेनेई की मौत होने की पुष्टि कर दी है।
कसम
ईरान ने खाई बदला लेने की कसम
खामेनेई की हत्या करने वाले भीषण हमले के प्रतिशोध में ईरान ने रविवार को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों की एक नई लहर शुरू की। ट्रंप द्वारा ईरान को जवाबी कार्रवाई न करने की धमकी देने के बाद ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिका और इजरायल पर पूरी ताकत से हमला करने की कसम खाई। उसके बाद अमेरिकी युद्धपोत पर हमला किया गया है।