ईरानी हमले में तबाह हुआ कतर में लगा अमेरिकी रडार, 10,000 करोड़ रुपये थी कीमत
क्या है खबर?
ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में कतर में मौजूद अमेरिकी रडार सिस्टम को तबाह कर दिया है। यह रडार अमेरिकी स्पेस फोर्स का AN/FPS-132 बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार है। हमले के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में रडार को हुआ भारी नुकसान देखा जा सकता है। इस रडार की कीमत करीब 10,000 करोड़ रुपये है। यह पश्चिम एशिया में अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण रडार प्रणालियों में से एक है।
ड्रोन
विश्लेषकों का दावा- ड्रोन से तबाह हुआ रडार
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले को 'ट्रू प्रॉमिस 4' ऑपरेशन का हिस्सा बताया है। अन्य रिपोर्टों और ओपन-सोर्स विश्लेषकों का मानना है कि मिसाइलों और UAV की भारी बौछार के दौरान एक सस्ता हमलावर ड्रोन रक्षा पंक्ति को भेदने में कामयाब रहा और रडार से जा टकराया। जानकार नुकसान के पीछे ईरान के शाहेद प्रकार के ड्रोन को संभावित वजह मान रहे हैं। हालांकि, अमेरिका और कतर ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
हमला
2013 में लगाया गया था रडार
यह रडार सिस्टम कतर में अल उदैद हवाई अड्डे के उत्तर में अल-खोर के पास लगा है। प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में रडार को हुए नुकसान की पुष्टि हुई है। ईरान ने यहां 28 फरवरी को हमला किया था। इस रडार की डिटेक्शन रेंज करीब 5,000 किलोमीटर है। इसे 2013 में अल उदैद एयर बेस के पास लगाया गया था, जो पश्चिम एशिया में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है।
रडार
अब रडार के बारे में जानिए
AN/FPS-132 एक अत्याधुनिक और उन्नत प्रारंभिक चेतावनी रडार (UEWR) है। पूरी दुनिया में इस तरह के केवल 6 ही रडार मौजूद हैं। यह करीब 5,000 किलोमीटर दूर से दागी जाने वाली मिसाइलों के बारे में जानकारी निकालकर उन्हें थाड और पैट्रियट जैसी मिसाइल प्रणालियों के साथ साझा करता है। इसके बाद ये प्रणालियां आने वाली मिसाइल को नष्ट करती हैं। कतर स्थित रडार अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के लिए बेहद अहम है।
अन्य हमले
पश्चिम एशिया में अन्य अमेरिकी अड्डों को भी हुआ नुकसान
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों ने बहरीन और कतर में मिसाइल रक्षा रडारों को निशाना और अड्डों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिका ने हमलों की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। ईरान ने सऊदी अरब की बड़ी तेल रिफाइनरी रास तनूरा पर हमला किया है। हमलों के बाद कतर ने LNG का उत्पादन बंद कर दिया है। दुबई के जेबेल अली बंदरगाह को भी नुकसान पहुंचा है।