ईरान ने अमेरिका के 28 सैन्य अड्डे तबाह किए, 42 विमानों को पहुंचाया नुकसान- रिपोर्ट
क्या है खबर?
28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद कम से कम 28 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। BBC ने सैटेलाइट इमेज का विश्लेषण कर ये जानकारी दी है। ये आंकड़े अमेरिका द्वारा सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा हैं। अमेरिका को इन हमलों में अत्याधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियों, ईंधन भरने वाले विमानों और रडारों का भारी नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट
27,000 करोड़ रुपये की एंटी-मिसाइल प्रणालियां नष्ट
ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, इराक, जॉर्डन, बहरीन और ओमान में स्थित अमेरिका के 28 सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान UAE के अल रुवैस और अल सदेर हवाई अड्डों और जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी हवाई अड्डे पर स्थित 3 अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल रोधी बैटरी प्रणालियां तबाह हो गई हैं। इनमें से एक की कीमत 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है और कम से कम 100 सैनिक इनका संचालन करते हैं।
बंकर
बंकर, हैंगर और सैन्य आवास भी हुए तबाह
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अमेरिकी ईंधन भरने और निगरानी करने वाले विमानों को भारी नुकसान पहुंचा है। एक विमान की पहचान E-3 सेंट्री निगरानी विमान के रूप में हुई है। इसके अलावा कई अड्डों पर ईंधन भंडारण बंकर, विमान हैंगर और सैनिक आवास नष्ट हो गए। कैंप आरिफजैन में मौजूद सैटेलाइट संचार उपकरण भी पूरी तरह तबाह हो गया है।
विमान
42 विमान-ड्रोन भी हुए क्षतिग्रस्त
अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान ने कम से कम 42 अमेरिकी विमानों को नष्ट कर दिया या है। अप्रैल की शुरुआत में ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E और A-10 को मार गिराया था। वहीं, 2 UH 60 ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया गया था। ये घटनाक्रम ऐसे वक्त हुए थे, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है।