इजरायली सेना पर आरोप, फिलिस्तीनी बंदियों को करंट देने वाली अमेरिकी मशीन से किया जा रहा प्रताड़ित
इजरायल की सेना पर आरोप लगे हैं कि उसने फिलिस्तीनी बंदियों पर करंट देने वाली अमेरिकी मशीन टेजर का इस्तेमाल किया है। यह खुलासा एक नई जांच में हुआ है।
जबालिया कैंप के पूर्व बंदी एस्सा ने बताया कि उन्हें बांधकर बार-बार बिजली के झटके दिए गए।
इंटरनेशनल रिहैबिलिटेशन काउंसिल फॉर टॉर्चर विक्टिम्स के मुताबिक, एस्सा की चोटें बताती हैं कि उन्हें कसकर बांधे जाने की स्थिति में लगातार कई बार झटके दिए गए थे।
जांच में बताया गया है कि अमेरिकी कंपनी एक्सॉन इजरायल को लगातार टेजर हथियार आपूर्ति कर रही है।
एस्सा को जनवरी 2024 में जबालिया रिफ्यूजी कैंप से गिरफ्तार किया गया था, जहां वे तब से रह रहे थे जब उनके घर पर इजरायली मिसाइल हमले के बाद उनके दोनों पैर काटने पड़े थे।
अक्टूबर 2025 में रिहा होने से पहले उन्हें इजरायल की ओफर जेल में रखा गया था
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने टेसर को हथियार व्यापार संधि में शामिल करने की अपील की
इससे पहले 2024 और 2025 के दौरान 3 और पूर्व बंदियों ने भी बिजली के झटके दिए जाने की ऐसी ही घटनाओं के बारे में बताया था। इन घटनाओं में सदे तेइमान डिटेंशन कैंप में हुई वारदातें भी शामिल हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे मानवाधिकार संगठन इन उपकरणों पर कड़ा नियंत्रण रखने की मांग कर रहे हैं। वे संयुक्त राष्ट्र से अपील कर रहे हैं कि टेजर को संयुक्त राष्ट्र की हथियार व्यापार संधि में शामिल किया जाए ताकि इनके गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
इससे पहले नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र की कमेटी अगेंस्ट टॉर्चर ने इजरायली डिटेंशन सेंटर में प्रताड़ना के आरोपों पर रिपोर्ट दी, जिसमें बिजली के झटके देना भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया कि 7 अक्टूबर 2023 से प्रताड़ना और बुरा बर्ताव तेज़ी से बढ़ा है।