क्या है अमेरिका का 'ऑपरेशन हार्ड बॉल', जिसमें लॉरेंस समेत 3 गैंग के खिलाफ हुई कार्रवाई?
क्या है खबर?
अमेरिका ने भारत के जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और 2 अन्य गिरोहों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की है। इसे 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' नाम दिया गया है। इस बेहद गोपनीय अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोप के 50 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर 24 आरोपियों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आइए पूरे अभियान के बारे में जानते हैं।
अभियान
क्या है 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'?
ड्रग्स तस्करी, हत्या, रंगदारी और अन्य संगठित अपराधों से जुड़े गिरोहों के सालों तक हुई जांच के बाद ये अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के तार भारत के साथ अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैले थे। गिरोह ड्रग्स तस्करी, रंगदारी, टारगेट किलिंग, हथियारों की तस्करी और अन्य अपराधों को कई देशों में अंजाम देते थे।
गिरोह
किन-किन गिरोह के खिलाफ हुई कार्रवाई?
लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जग्गू भगवानपुरिया गिरोह और रविंदर सिंह ढांडा के ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई है। अधिकारियों ने बताया कि कैलिफोर्निया में 11 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि बाकी आरोपी इंडियाना, जॉर्जिया, कनाडा और स्पेन से पकड़े गए हैं। 10 आरोपी अब भी फरार हैं। जग्गू भगवानपुरिया पर पैसे लेकर हत्या करने और ड्रग्स तस्करी करने के आरोप हैं। वहीं, कनाडा में रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा के गिरोह पर कैलिफोर्निया से कनाडा में ड्रग्स तस्करी के आरोप हैं।
बरामदगी
क्या-क्या बरामद किया गया?
इस अभियान में अमेरिका की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (FBI), लॉस एंजिल्स पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस और अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान उन्होंने करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन और एक किलोग्राम हेरोइन जब्त की। इसके अलावा 40,000 डॉलर नकद और करीब एक दर्जन हथियार भी बरामद किए गए। साथ ही 7 जुलाई को सार्वजनिक किए गए 3 आरोपपत्रों में कुल 37 अभियुक्तों पर आरोप लगाए गए हैं।
बड़ी बातें
अभियान की बड़ी बातें
गिरफ्तार किए गए 24 आरोपियों में से 13 को अमेरिका में, 3 को कनाडा में और एक को स्पेन से दबोचा गया है, जबकि 7 अभियान शुरू होने से पहले ही हिरासत में। 10 संदिग्ध अभी भी फरार हैं। इनमें से 7 अमेरिका में, 2 भारत में और एक यूरोप में है। अमेरिकी चार्जशीट में बरार को बिश्नोई गैंग का उत्तरी अमेरिका का कमांडर और रोहित गोदारा को यूरोप में गैंग के अभियानों का प्रभारी बताया गया है।
आरोप
लॉरेंस बिश्नोई पर क्या हैं आरोप?
अमेरिकी अभियोग के अनुसार, लॉरेंस भारत में सालों तक जेल में रहने के बावजूद जेल से ही अपने आपराधिक संगठन का संचालन करता रहा। निज्जर पर जून, 2023 में कनाडा में मारे गए खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के भी आरोप हैं। अभियोजकों ने यह भी आरोप लगाया कि बिश्नोई गैंग ने प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को हिंसा का निशाना बनाया। इसके बाद उन्होंने समुदाय के लोगों से उगाही करने की कोशिश की।
ढांडा पर आरोप
ढांडा पर क्या लगे आरोप?
कनाडा के वैंकूवर के रहने वाले ढांडा को अभियोग में 'रैंडी', 'रोलेक्स', और 'जॉन विक' नाम से भी संबोधित किया गया है। आरोप है कि ढांडा हर हफ्ते अमेरिका से कनाडा में सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और मेथम्फेटामाइन की तस्करी करता था। ड्रग्स को लंबी दूरी के वाणिज्यिक ट्रकों में छिपाकर सीमा पार ले जाया जाता था। अभियोग पत्र में जुलाई 2023 और नवंबर 2024 के बीच 430.1 किलोग्राम से अधिक कोकीन की तस्करी का आरोप लगाया गया है।
भगवानपुरिया पर आरोप
भगवानपुरिया के खिलाफ क्या हैं आरोप?
आरोप है कि भगवानपुरिया ने भ्रष्ट कानून प्रवर्तन अधिकारियों की मदद से जबरन वसूली सहित आपराधिक गतिविधियों में भूमिका निभाई। यह भी आरोप है कि उसने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज करवाए और बाद में समझौते की पेशकश कर उनसे पैसे वसूले। यह भी कहा गया है कि गिरोह लॉस एंजिल्स और इनलैंड एंपायर में ड्रग परिवहन नेटवर्क के जरिए ड्रग तस्करी और अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के जरिए अपनी गतिविधियों के लिए धन जुटाता था।
प्रत्यर्पण
क्या बिश्नोई और बाकी अपराधियों का भारत से होगा प्रत्यर्पण?
ऐसा हो सकता है। FBI ने कहा है कि वो भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और भगवानपुरिया को अमेरिका ले जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों का प्रत्यर्पण कराया जाएगा और अमेरिका में ट्रायल होगा। जल्द ही भारत सरकार से इनके प्रत्यर्पण की मांग की जा सकती है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी हुंदलप्रीत सिंह का भी नाम सामने आया है। उसे भी अमेरिकी अधिकारियों ने प्रत्यर्पित करने की बात कही है।
बयान
अधिकारी बोले- अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं
प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एस्सेली ने कहा, "जो अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह डर, नशीले पदार्थ और हिंसा फैलाते हैं, उन्हें न्याय की पूरी ताक़त और सरकार की पूरी शक्ति का सामना करना पड़ेगा। इन गुंडों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है। अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इन आपराधिक संगठनों को उनके संचालन के हर क्षेत्र में निशाना बनाने और खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।"
निज्जर
जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर लगाए थे निज्जर की हत्या के आरोप
लॉरेंस और बरार पर निज्जर की हत्या का आदेश देने का भी आरोप है। जून, 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की हत्या कर दी गई थी। तब तत्कालिन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्याकांड में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन्हें खारिज किया था। ये मुद्दा दोनों देशों के बीच संबंधों में आई गिरावट का कारण बन गया था।