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अमेरिका ने भीषण गोलीबारी और दुश्मनों के बीच से लड़ाकू विमान के पायलट को कैसे बचाया?
अमेरिका ने F-15E विमान के दूसरे पायलट को भी बचा लिया है

अमेरिका ने भीषण गोलीबारी और दुश्मनों के बीच से लड़ाकू विमान के पायलट को कैसे बचाया?

लेखन आबिद खान
Apr 05, 2026
12:59 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने ईरान में अपना F-15E लड़ाकू विमान मार गिराए जाने के बाद उसके दूसरे पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि की है। ट्रंप ने पायलट को बचाने वाले अभियान को सैन्य इतिहास के सबसे साहसी अभियानों में से एक बताया। ये पायलट 2 दिन पहले ईरान द्वारा विमान गिराए जाने के बाद लापता था। आइए समझते हैं अमेरिका ने कैसे पूरे अभियान को अंजाम दिया।

जीवित

पहाड़ी इलाके में छिपा था पायलट- रिपोर्ट

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, विमान से बाहर निकलने के बाद ये पायलट लगभग 24 घंटे तक ईरान द्वारा पकड़े जाने से बचने में कामयाब रहा। उसने जीवित रहने के प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए दुर्घटनास्थल से दूर जाकर पहाड़ी इलाके में खुद को छिपा लिया। खबरों के मुताबिक, पायलट ने बचाव दल को खुद की लोकेशन भेजने के लिए संकेतों का इस्तेमाल किया। इस दौरान ईरान के अधिकारी भी उसकी तलाश कर रहे थे।

अभियान

अभियान में दर्जनों विमान, विशेष कमांडो इकाई थी शामिल

एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि बचाव अभियान एक विशेष कमांडो इकाई द्वारा चलाया गया था, जिसकी मदद के लिए दर्जनों लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि इस मिशन में कर्मियों को बचाने वाली टीमें दर्जनों विमानों के साथ मिलकर काम कर रही थीं, ताकि ईरानी क्षेत्र के अंदर काम कर रही बचाव इकाई की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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रणनीति

अमेरिकी सेना के संपर्क में थे पायलट

एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने बचाव प्रयास के समय और स्थान के बारे में ईरान को भ्रमित करने के लिए कई रणनीतियों का इस्तेमाल किया। इसका उद्देश्य ईरान को बचाव अभियान में बाधा डालने से रोकना था। अधिकारियों ने बताया कि दोनों चालक दल के सदस्य विमान से निकलने के बाद अमेरिकी सेना से संपर्क करने में सक्षम थे। इससे सेना को उनकी स्थिति का पता लगाने और बचाव अभियान का समन्वय करने में मदद मिली।

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गोलीबारी

बचाव अभियान के दौरान हुई भीषण गोलीबारी

रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट को बचाने की कोशिशों के दौरान अमेरिकी और ईरानी पक्ष में भीषण गोलीबारी हुई है। बताया जा रहा है कि ईरान के कोहगिलुयेह प्रांत के देहदाश्त शहर में मुठभेड़ हुई थी। यहीं पर विमान गिरा था। बचाव दल द्वारा पायलट को सुरक्षित निकालने के दौरान अमेरिकी सेना ने भारी गोलाबारी की। दावा किया जा रहा है कि इसमें कम से कम 4 ईरानी नागरिकों की मौत हुई।

विमान

अमेरिका के विमान-हेलीकॉप्टर गोलीबारी की चपेट में आए

BBC ने बताया कि अभियान के दौरान एक A-10 वॉर्थोग विमान क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण पायलट को इजेक्ट करना पड़ा और बाद में उसे बचा लिया गया। वहीं, F-15E के एक अन्य पायलट को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर पर भी गोलीबारी की गई, जिससे उसमें सवार कर्मी घायल हो गए। हालांकि विमान सुरक्षित उतर गया। रॉयटर्स ने बताया कि अभियान में शामिल 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर ईरानी सेना ने गोलीबारी की थी, लेकिन वे बच निकले।

बयान

ट्रंप ने अभियान के बारे में क्या बताया?

ट्रंप ने कहा, 'सैन्य इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि 2 अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके से अलग-अलग अभियानों में बचाया गया है। हम कभी भी किसी अमेरिकी योद्धा को नहीं छोड़ेंगे! हम इन दोनों अभियानों को बिना किसी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल हुए बिना सफलतापूर्वक पूरा कर पाए। यह एक बार फिर साबित करता है कि हमने ईरान के आसमान पर जबरदस्त हवाई वर्चस्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है।'

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