इंडोनेशिया में जंगली आग के धुएं से हाहाकार, राष्ट्रपति सुबियांतो पर घोर लापरवाही का मुकदमा
इंडोनेशिया में लगी जंगल की आग और उससे फैलते दमघोंटू धुएं से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए स्वदेशी और नागरिक समूहों ने एक मुकदमा दायर किया है।
इन समूहों का आरोप है कि सरकार ने 'घोर लापरवाही' बरती है, जिसकी वजह से जंगल की आग का घना और जहरीला धुआं पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में फैल गया।
इस मुकदमे में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का नाम भी शामिल है। इसमें मांग की गई है कि धुएं से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य देखभाल के खर्चों में सरकार मदद करे।
धुएं के कारण पोंटियानक में सुनवाई टली
पोंटियानक में होने वाली पहली अदालत की सुनवाई 21 अक्टूबर तक के लिए टाल दी गई। दिलचस्प बात यह रही कि प्रतिवादी धुएं की वजह से यात्रा नहीं कर पाए और सुनवाई में शामिल नहीं हो सके।
दयाक समुदाय के एक वादी ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई करने में बहुत ज्यादा देरी कर दी।
इस आग ने केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि मलेशिया जैसे पड़ोसी देशों में भी हवा की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है। मलेशिया में तो खतरनाक प्रदूषण की वजह से स्कूलों को बंद करना पड़ गया है।