भारत के 9,000 करोड़ के बालों पर चीन की नजर, तस्करी से विग उद्योग बेहाल
भारत मानव बालों के वैश्विक बाजार में एक बड़ा नाम रखता है। यह बाजार लगभग 94 करोड़ डॉलर (लगभग 900 करोड़ रुपये) का है। देश अच्छी गुणवत्ता वाले बालों का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है, लेकिन एक बड़ी चुनौती भी है। म्यांमार के रास्ते चीन को होने वाली तस्करी के कारण, भारत में विग बनाने वाले कारीगरों को पर्याप्त कच्चे बाल नहीं मिल पा रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में भारत ने 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बालों का निर्यात किया, लेकिन इसमें से अधिकतर बाल अर्ध-संसाधित ही थे।
कुछ जानकार चाहते हैं कच्चे बालों के निर्यात पर लगे रोक
तिरुपति जैसे स्थानों पर प्रीमियम भारतीय बाल 85,000 प्रति किलोग्राम तक बिकते हैं। ऐसे में बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
उद्योग से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि कच्चे बालों के निर्यात पर प्रतिबंध लगना चाहिए, ताकि देश में ही ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हो सकें। इस बीच अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने की संभावित धमकी ने भारतीय निर्यातकों को संयुक्त अरब अमीरात और अफ्रीका जैसे नए बाजारों की तलाश करने पर मजबूर किया है। वैश्विक स्तर पर बालों की मजबूत मांग होने के बावजूद, भारत का अपना विग बनाने वाला क्षेत्र अभी भी काफी पीछे है और उसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।