वियतनाम के द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों की नाव पलटी, कम से कम 15 की मौत
क्या है खबर?
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है। घटना में अब तक कम से कम 15 लोगों के मारे जाने की खबर है। हनोई में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, "कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक दुखद घटना में कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है।"
बयान
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भारतीय दूतावास ने कहा, 'एक दुखद घटना में कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। प्रभावित परिवारों को जानकारी और मदद देने के लिए भारत के कॉन्सुलेट जनरल में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414।'
घटना
कब और कहां हुआ हादसा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब एक बजे ओशन पीयर आइलैंड कंपनी की ओर से संचालित स्पीडबोट हॉन मे रट नाम की जगह से पर्यटकों को लेकर एन थॉई पोर्ट की ओर जा रही थी। फु क्वोक हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर दूर होन मे रट एन्ग्वाई नाम की जगह से करीब 400 मीटर दूर नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए।
पत्रकार
स्थानीय पत्रकार का दावा- नाव में 32 लोग थे, 18 बचाए गए
एक स्थानीय पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा, '11 जुलाई को सुबह करीब 10:30 बजे फु क्वोक के पास 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट डूब गई। दोपहर तक 18 लोगों को बचा लिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों की मौत की आशंका है, लेकिन मरने वालों की आधिकारिक संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई है। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।'
अभियान
नाव संचालक बोला- 5 मिनट में ही बचाने पहुंच गया
घटनास्थल से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज लहरों के बीच नाव पलट गई है। तुरंत आसपास की कई नावें लोगों को बाहर निकालने में जुट गईं। बचाव कार्य में शामिल एक नाव संचालक ने वीएनएक्सप्रेस इंटरनेशनल को बताया, "मेरी नाव लगभग 5 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थी। बचाव अभियान मुश्किल साबित हुआ क्योंकि कई यात्री नाव के अंदर फंसे हुए थे। केवल कुछ ही लोगों को होश में बाहर निकाला जा सका।"