भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 'बड़े बदलावों' के लिए उठाई आवाज
संयुक्त राष्ट्र में बड़े बदलावों को लेकर भारत ने आवाज उठाई है। उसका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा को अगले महासचिव चुनने में ज्यादा अधिकार मिलना चाहिए।
सांसद सीपी जोशी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि अब भौगोलिक संतुलन बनाने का वक्त आ गया है, खासकर तब जब दुनिया भर में तनाव बढ़ रहा है।
उन्होंने महासभा के प्रभाव को बढ़ाने के प्रयासों का भी समर्थन किया। भारत हमेशा से संयुक्त राष्ट्र महासभा की केंद्रीय भूमिका को मजबूत और सक्रिय करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, इस बात को उन्होंने फिर से दोहराया।
उनका तर्क है कि दुनिया के सभी क्षेत्रों को इस बड़े पद पर पहुंचने का बराबर मौका मिलना चाहिए।
भारत ने सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग की
भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव की भी वकालत कर रहा है। उसका कहना है कि परिषद को आज की दुनिया की हकीकत दिखानी चाहिए।
इसके लिए भारत ने स्थायी और चुने हुए सदस्यों की संख्या बढ़ाने की बात कही है, ताकि सभी की बात सुनी जा सके। जोशी ने सुझाव दिया कि बैठकों को ज्यादा केंद्रित बनाया जाए और विभिन्न समितियों के बीच तालमेल को बेहतर किया जाए। ये सभी विचार 'यूएन-80' पहल से मेल खाते हैं।
इस पहल का मकसद एक ऐसा संयुक्त राष्ट्र बनाना है जो हर किसी के लिए, हर जगह बेहतर तरीके से काम कर सके।