भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा- आतंकवाद 'मानवता के खिलाफ अपराध' घोषित हो
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपील की है कि कुछ खास तरह के आतंकी हमलों को आधिकारिक तौर पर 'मानवता के खिलाफ अपराध' घोषित किया जाए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से आर मैथिली ने अपनी बात रखी। वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर (कानूनी सलाहकार) हैं।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति के 81वें सत्र में एजेंडा आइटम 79 पर अपना आधिकारिक वक्तव्य रखते हुए कहा कि देशों को अपने कानूनों के तहत आतंकवाद को रोकने और उसे सजा देने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता रहा है और यह कदम उसी का हिस्सा है।
भारत ने आतंकवाद पर एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का प्रस्ताव रखा
भारत ने एक नया अंतरराष्ट्रीय समझौता भी सुझाया है। इसका मकसद देशों को आतंकवाद से लड़ने में मदद करना है, ताकि उन्हें अपने कानूनों पर से नियंत्रण न छोड़ना पड़े।
पिछले 12 सालों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को बहुत मजबूत किया है। उसने कानून बदले हैं, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाया है और सुरक्षा बलों को बेहतर बनाया है।
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी नया समझौता मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी तंत्रों का पूरक होना चाहिए, न कि उनकी नकल।
भारत ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं को सीधे-सीधे नए समझौते में शामिल करने का विरोध किया।