संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाया, कहा- जैश सरगना मसूद अजहर का ठिकाना कैसे नहीं पता
संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में हाल में भारत ने साफतौर पर पाकिस्तान पर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी गुटों को पनाह देने का आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान से सवाल किया कि वह यह दावा कैसे कर सकता है कि उसे जैश सरगना मसूद अजहर के ठिकाने का पता नहीं है, जबकि मीडिया ने तो उसका इंटरव्यू भी कर लिया था।
पुरी ने कहा कि पाकिस्तान ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को इनाम की राशि बढ़ाने की घोषणा की है और साथ ही सवाल उठाया कि अधिकारी उसके ठिकाने से कैसे अनभिज्ञ हो सकते हैं।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में अजहर से जुड़ी सार्वजनिक रिपोर्टों और बयानों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि उसे गिरफ्तार करने के प्रयासों के बारे में पाकिस्तान के दावों से उसकी निरंतर सक्रियता की क्षमता पर सवाल उठते हैं।
रघु पुरी ने पाकिस्तान की दोहरी बयानबाजी की कड़ी आलोचना की
पुरी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान एक तरफ आतंकवाद से लड़ने का दावा करता है, लेकिन उसे अपने ही आतंकी गुटों से नुकसान झेलना पड़ता है।
उन्होंने पाकिस्तान के इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। पुरी ने कहा कि एक तरफ वह खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है, तो वहीं दूसरी तरफ आतंकी संगठनों को समर्थन देता है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि आतंकवाद को पनाह देने वाले ऐसे देशों के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई की जाए।
पुरी ने अमेरिका में हुए 9/11 हमलों, मुंबई में हुए 26/11 हमलों और पहलगाम आतंकी हमले को याद कर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकवाद के परिणामों, अपराधियों और सहायकों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता से अवगत है।