यमन में हूती विद्रोहियों के स्नाइपरों के ठिकानों से होकर स्कूल जाती हैं 10 साल की रफीफ
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है। इस बीच, यमन के ताइज शहर से एक हौंसला बढ़ाने वाली खबर आई है।
यहां 10 साल की रफीफ जैसे बच्चे हर दिन अपनी क्लास पहुंचने के लिए खतरनाक फ्रंटलाइन पार करते हैं।
उनका स्कूल सरकारी नियंत्रण वाले इलाके और हूती स्नाइपरों के ठिकानों के बीच है। लेकिन बच्चे स्कूल में जाकर पढ़ना नहीं छोड़ रहे।
रफीफ कहती है कि दोस्तों से मिलना और पढ़ाई करना इस जोखिम के लायक है। खौफ के इस माहौल में भी, रफीफ डरी हुई तो है, पर वह डॉक्टर बनने का सपना देखती है और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए कक्षाओं में आती रहती है।
32 लाख यमनी बच्चे स्कूल नहीं जा पाते
ताइज शहर लड़ाई और घेराबंदी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके कारण परिवारों का जीवन और कठिन हो गया है। देश आतंरिक और बाहरी हमलों की चपेट में है।
इस हिंसा ने पहले ही अहमद जैसे कई मासूम बच्चों की जान ले ली है, लेकिन बच्चे बेहतर भविष्य की उम्मीद लिए आगे बढ़ रहे हैं।
इस सबके बीच संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNICEF के मुताबिक, यमन में लगभग 32 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।