नेपाल ने बाढ़ पीड़ितों के शव दफनाए, बाद में कैसे होगी पहचान?
क्या है खबर?
नेपाल की सरकार ने कहा है कि वो विनाशकारी बाढ़ के बाद बरामद हुए अज्ञात और लावारिस शवों को दफनाने जा रहा है। शवों की बिगड़ती स्थिति और संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। साथ ही अस्पतालों में शवों को रखने के लिए जगह और संसाधनों की कमी भी सामने आई है। आइए जानते हैं बाद में शवों की पहचान कैसे की जाएगी।
शव
अब तक 734 शव बरामद
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बचाव अभियान का आज 5वां दिन है। अब तक कम से कम 734 शव बरामद किए जा चुके हैं। भारत की सीमा से सटे दक्षिणी जिले चितवन से सबसे अधिक 233 शव बरामद हुए हैं।
इसके अलावा नवलपुर से 184, परासी से 82, गोरखा से 58, नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहूं से 36 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं।
वजह
क्यों दफनाए जा रहे हैं शव?
चितवन में अस्पतालों में पर्याप्त जगह और सुविधाओं की कमी के कारण शवों को सड़ने से रोकना मुश्किल हो रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शवों के सड़ने और दुर्गंध से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
एक अधिकारी ने कहा, "जैसे-जैसे शवों की संख्या बढ़ती गई, हमने एक घर को शीतलन केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया। वहां भी जगह कम पड़ने के कारण हमारे पास उन्हें दफनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।"
तरीका
कैसे दफनाए जा रहे हैं शव?
शवों को इस तरह से दफनाया जा रहा है कि बाद में पहचान होने पर उन्हें परिजनों को सौंपने या किसी दूसरी कानूनी या चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए आसानी से बाहर निकाला जा सके।
हर शव को 1.5 मीटर गहरे गड्ढे में दफनाया जा रहा है। साथ ही 2 शवों के बीच 40 सेंटीमीटर का अंतर रखा जा रहा है, ताकि किसी एक शव को अन्य शवों को परेशान किए बिना निकाला जा सके।
पहचान का तरीका
कैसे पहचाने जाएंगे शव?
अधिकारियों ने बताया कि शवों को दफनाने से पहले उनके DNA सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके अलावा हर शव को एक संख्या या पहचान ID दी जा रही है।
हर कब्र के ऊपर एक कंक्रीट का चबूतरा और एक बोर्ड लगाया जा रहा है, जिस पर शव की पहचान से जुड़ी जानकारी लिखी जा रही है।
शवों की जियोटैगिंग के लिए वीडियोग्राफी कराए जाने की भी योजना है।
सौंपने का तरीका
कैसे सौंपे जाएंगे शव?
अधिकारियों ने कहा कि लापता लोगों के परिजन नेपाल के प्रमुख अस्पतालों में अपना DNA सैंपल दे सकेंगे। परीक्षण पूरा होने के बाद, स्वास्थ्य विभाग इन नमूनों की जांच बरामद शवों के DNA से करेगा।
DNA मैच होने के बाद पुलिस संबंधित शव संख्या का उपयोग कर कब्र का पता लगाएगी। इसके बाद पहचाने गए अवशेषों को बाद में कब्र से निकाला जाएगा और परिजनों को सौंप दिया जाएगा।