जर्मनी के गृह मंत्री ने GenZ प्रदर्शन के लिए 'वामपंथी-प्रवासी उपद्रवियों' को ठहराया जिम्मेदार
जर्मनी के आंतरिक मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने नवंबर की शुरुआत में हुए युवा प्रदर्शनों के हिंसा में बदलने के बाद 'वामपंथी समूहों' और 'प्रवासी समुदायों के उपद्रवियों' को इसका जिम्मेदार ठहराया है।
डोब्रिंड्ट ने यह भी कहा कि हालात पेरिस जैसे बेकाबू नहीं हुए थे। प्रदर्शन के दौरान नकाबपोश दंगाइयों ने दुकानों में लूटपाट की और भीड़ पर पेट्रोल बम फेंके, जिसके जवाब में पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा था।
बता दें कि जर्मनी में 'GenZ रिगेल्ट' नामक समूह ने इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया था। इनका मकसद युवाओं की मांगों पर ध्यान दिलाना था, जिनमें बढ़ती महंगाई, शिक्षा पर खर्च और बजट में कटौती जैसे मुद्दे प्रमुख थे।
GenZ रिगेल्ट 14 नवंबर को प्रदर्शन करेगा
हिंसक उपद्रव के बावजूद, GenZ रिगेल्ट ने हार नहीं मानी है। वे 14 नवंबर को एक बार फिर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बदलाव की अपनी मांग पर अड़े रहें।
इन घटनाओं पर नेताओं की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हेसे राज्य के मंत्री-राष्ट्रपति बोरिस राइन ने इन दंगों को 'बिल्कुल अस्वीकार्य' बताया। वहीं, जर्मनी की धुर-वामपंथी पार्टी डाई लिंके की प्रमुख इनेस श्वर्डनर जैसे कुछ नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।