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नेपाल बाढ़: दार्चुला में भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता बंद, 1,300 से ज्यादा की मौत
नेपाल के दार्चुला में भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता बाधित हो गया है

नेपाल बाढ़: दार्चुला में भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता बंद, 1,300 से ज्यादा की मौत

लेखन आबिद खान
Sep 05, 2026
01:49 pm

क्या है खबर?

नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद रह-रहकर भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। अब दार्चुला जिले में भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया है। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। दार्चुला स्थित जिला प्रशासन कार्यालय ने चेतावनी दी है कि भूस्खलन से नदी पूरी तरह अवरुद्ध हो सकती है। वहीं, बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,344 हो गया है।

भूस्खलन

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

ये भूस्खलन एपी हिमालय ग्रामीण नगरपालिका के भट्टर में हुआ, जिसके बाद भारी मात्रा में मलबा नदी में बह गया और नदी का रास्ता बाधित हुआ।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सावधानियां बरतने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री खगराज भट्टा ने स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

ट्विटर पोस्ट

भूस्खलन के दौरान का डरावना नजारा

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नदी

नदी में फिलहाल जलस्तर सामान्य

चौलानी नदी को चमेलिया नाम से भी जाना जाता है। ये एपी हिमालय क्षेत्र में उत्पन्न होती है और आखिर में महाकाली नदी में जाकर मिल जाती है, जो नेपाल-भारत सीमा में है।

सशस्त्र पुलिस बल ने बताया कि चौलानी नदी में जलस्तर फिलहाल सामान्य है।

हालांकि, बलंच स्थित नेपाल चमेलिया जलविद्युत सुरक्षा केंद्र के कर्मियों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर आसपास के समुदायों को चेतावनी देने के लिए तैनात किया गया है।

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आंकड़े

बाढ़ से 32,000 लोग प्रभावित

नेपाल में अब तक 1,344 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। फिलहाल 5,300 से ज्यादा लोग लापता हैं। नेपाल सरकार ने कहा कि भीषण बाढ़ से अब तक 32,933 लोग प्रभावित हुए हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 275 अब भी लापता हैं। बीते दिन त्रिशूली बाजार इलाके से 3 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है।

नुकसान

800 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा का नुकसान

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ से 6,500 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं।

इसके अलावा 4 स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह और 3 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 55 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह टूट गई हैं। साथ ही 37 मोटरेबल पुल और 68 झूला पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।

नेपाली के वरिष्ठ सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने कहा आपदा से 800 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

भारत

भारत लगातार भेज रहा राहत सामग्री

26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। अब तक वायुसेना के 7 विमान नेपाल में राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं।

भारत ने राहत और बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारत की टीमें DNA सैंपल की जांच में भी नेपाल की मदद कर रही हैं।

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