फ्रांस पर आर्थिक दोहरी मार: धीमा विकास, GDP के 122 प्रतिशत तक पहुंचा कर्ज
फ्रांस का राष्ट्रीय कर्ज जल्द ही उसकी कुल अर्थव्यवस्था (GDP) के लगभग 122 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। जून के आखिर तक यह कर्ज लगभग 4.08 खरब डॉलर (387 लाख करोड़ रुपये) हो गया था, जो GDP का 119 प्रतिशत था। देश का आर्थिक विकास केवल 0.4 प्रतिशत की धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जिससे इस बढ़ते कर्ज ने फ्रांस पर बड़ा दबाव बना दिया है। खासकर, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कार्यकाल लगभग खत्म होने वाला है, तो यह स्थिति और चिंताजनक दिखती है।
फ्रांस का ज्यादा खर्च खत्म कर रहा टैक्स बढ़ाने की गुंजाइश
बड़े बजट घाटे इसके पीछे एक बड़ी वजह हैं। साल 2025 में, कुल सरकारी खर्च GDP का 57.2 प्रतिशत रहा, जो यूरोपीय संघ के औसत से काफी ज्यादा है। देश में राजनीतिक गतिरोध के कारण वित्तीय समस्याओं को सुलझाना मुश्किल हो गया है। ऊपर से, टैक्स पहले से ही काफी ऊंचे हैं GDP का 45.2 प्रतिशत), जिससे सरकार के पास और पैसा जुटाने की ज्यादा गुंजाइश नहीं बची है। लगातार बढ़ती पेंशन की लागत और इस भारी कर्ज पर ज्यादा ब्याज चुकाने के खर्च को भी इसमें जोड़ दें, तो चुनाव से पहले फ्रांस को कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।