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चाकू लगने के बावजूद फ्लाईदुबई पायलट ने कैसे खोला दरवाजा और भेजा आपातकालीन संदेश?
फ्लाईदुबई के पायलट ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला

चाकू लगने के बावजूद फ्लाईदुबई पायलट ने कैसे खोला दरवाजा और भेजा आपातकालीन संदेश?

लेखन आबिद खान
Oct 01, 2026
11:20 am

क्या है खबर?

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे विमान को बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी के नए-नए किस्से सामने आ रहे हैं। पता चला है कि साथी पायलट के हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सिर और हाथ में चाकू के गंभीर घाव थे और खून भी बहुत बह गया था। इसके बावजूद उन्होंने न सिर्फ कॉकपिट का दरवाजा खोला, बल्कि आपातकालीन संदेश भी भेजा।

आपातकालीन संदेश

पायलट ने कैसे भेजा आपातकालीन संदेश?

अमेरिकी सांसद और FAA के वाणिज्यिक पायलट टिम शीही के अनुसार, कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के दौरान घायल हुए पायलट स्मित ने संभवतः विमान के ट्रांसपोंडर का उपयोग कर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को गड़बड़ी के बारे में सूचना दी होगी।

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा, "स्मित ने सह-पायलट से लड़ते हुए विमान का 'स्क्वॉक' कोड बदल दिया होगा, जिससे ATC को आपातकालीन संकेत भेजा गया होगा।"

स्क्वॉक कोड

क्या होता है स्क्वॉक कोड?

स्क्वॉक कोड 4 अंकों का कोड होता है, जिसे विमान के ट्रांसपोंडर में दर्ज किया जाता है। यह ATC को विमान की पहचान करने और उस पर नजर रखने में मदद करता है।

पायलटों को आमतौर पर हर उड़ान के लिए एक विशिष्ट कोड दिया जाता है, लेकिन कुछ कोडों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आपातकालीन संकेत भी होता है।

जैसे कोड 7500 का मतलब विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या अपहरण से संबंधित है।

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दरवाजा

घायल पायलट ने कैसे खोला दरवाजा?

हमले के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर जाकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता डोरोन स्पीलमैन के अनुसार, स्मित खून से लथपथ कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे। फिर भी उन्होंने अपनी आखिरी ताकत लगाकर किसी तरह रिलीज बटन दबाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों को बीच-बचाव का मौका मिला।

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प्लंबर

प्लंबर ने संभाला विमान का नियंत्रण

विमान में इजरायली यात्री यानिव हयुन भी थे, जो पेशे से प्लंबर हैं। उन्होंने बताया कि वे कॉकपिट में घुसे और पायलट का गला दबाकर उसे नियंत्रण कक्ष से दूर ले गए।

उन्होंने कहा, "कुछ देर के लिए विमान का नियंत्रण मैंने अपने हाथ में ले लिया। विमान थोड़ा स्थिर होने लगा। फिर तीसरे पायलट ने मुझसे कहा कि अब वह नियंत्रण संभाल रहा है।"

हयुन से इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मुलाकात की।

तारीफ

भारतीय पायलट के दुनियाभर में तारीफ

घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित की दुनियाभर में तारीफ हो रही है।

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, 'भारतीय पायलट कैप्टन स्मित की असाधारण बहादुरी को मेरा सलाम। उन्होंने इजरायली नागरिकों और अन्य राष्ट्रियों सहित 174 लोगों की जान बचाई।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और से घायल होने के बावजूद, स्मित ने अदम्य साहस और दूसरों के जीवन की रक्षा करने का अटूट संकल्प दिखाया।'

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