बाढ़ से नेपाल का बिजली निर्यात रुका, अब भारत देगा 'ग्रीन एनर्जी' का सहारा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने करीब 550 मेगावॉट पनबिजली उत्पादन को ठप कर दिया है, जिसकी वजह से भारत को होने वाले बिजली निर्यात में 400 मेगावॉट की कमी आई है। आमतौर पर नेपाल अक्टूबर के महीने में भारत से बिजली खरीदता है, लेकिन हाल के समय में वह अपनी अतिरिक्त बिजली भारत को भेज रहा था, जब तक कि इन बाढ़ों ने यह क्रम तोड़ नहीं दिया।
भारत ने बिजली मदद का वादा किया
भारत ने नेपाल को जरूरत पड़ने पर बिजली देने का वादा किया है। वह सितंबर 2026 तक के लिए नेपाल से आने वाले बिजली निर्यात के अनुरोधों पर पहले से ही काम कर रहा है। अपनी तरफ से भारत भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में जुटा है। देश में 15 गीगावॉट के नए पनबिजली प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है और अक्टूबर 2025 तक बड़ी पनबिजली क्षमता 50.35 गीगावॉट से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2031-32 तक 67 गीगावॉट होने का अनुमान है। उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में छोटे पनबिजली प्रोजेक्ट्स की भी बहुत संभावनाएं हैं। इस तरह दोनों देश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की योजना बना रहे हैं।