इंडोनेशिया के कई इलाकों में भीषण आग से तबाही, बोर्नियाई ओरांगुटान पर बड़ा संकट
इंडोनेशिया में सुमात्रा, बोर्नियो के इंडोनेशियाई हिस्से (कालीमंतन) और पापुआ के कई इलाकों में फैली जंगली आग ने तबाही मचा दी है, जिसका धुआं और धुंध इंडोनेशिया के साथ-साथ मलेशिया और सिंगापुर तक पहुंच रहा है।
डोनेशिया के वन मंत्रालय ने बताया कि देशभर में 893 हाई-कॉन्फिडेंस हॉटस्पॉट मिले। इनमें दक्षिण सुमात्रा में 266 और मध्य कालीमंतन में 132 हॉटस्पॉट थे।
आग सुमात्रा, कालीमंतन और पापुआ जैसे कई इलाकों तक फैल गई है। इस आग से बोर्नियन ओरांगुटान की आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसकी कुल आबादी का 52 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं प्राकृतिक आवास में रहते हैं।
इस वजह से ये बड़े वानर (ओरांगुटान) अब गंभीर खतरे में हैं।
सूखी पीटभूमि ने इंडोनेशिया की आग को और बदतर बनाया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूखी हुई पीटभूमि की वजह से आग पर काबू पाना और भी मुश्किल हो गया है। इससे जंगल तेज़ी से जल रहे हैं और कई जानवर बेघर हो गए हैं।
हाल ही में बचाव दल ने आग की लपटों से एक ओरांगुटान मां और उसके बच्चे की जान बचाई। 'यियारी' की सह-संस्थापक और CEO करमेले ल्लानो सैंचेज ने कहा, "मुझे लगता है कि इस आग में जलकर मरने वाले जंगली जानवरों की संख्या बहुत बड़ी है।" सैंचेज पेशे से पशु चिकित्सक भी हैं।
पर्यावरण संरक्षण समूहों का कहना है कि इन जानवरों के प्राकृतिक आवासों को फिर से ठीक करने और बचाए गए वन्यजीवों को जीवन का एक असली मौका देने के लिए तुरंत अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत है।
आग लगने के कारण अल नीनो और पाम ऑयल की खेती लिए जमीन साफ करने को बताया जा रहा है।