सऊदी के अरामको तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले में नेपाली-फिलीपींस नागरिक की मौत, भारतीय कर्मचारी घायल
क्या है खबर?
सऊदी अरब में बुधवार को सऊदी अरामको तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 घायल हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सीमा के पास शायबाह तेल क्षेत्र को टार्गेट किया था। सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने ड्रोन को रोक लिया, जिसका मलबा फैक्ट्री के पास गिरा। मृतकों में नेपाली और फिलीपींस नागरिक शामिल हैं। घायलों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक हैं।
हमला
ड्रोन हमला करने वाले का नहीं हुआ खुलासा
यमन के हूती विद्रोहियों के साथ संघर्ष के बीच मंत्रालय ने ड्रोन हमला करने वाला खुलासा नहीं किया है।
सऊदी सेना का कहना है कि उसने एक ड्रोन को रोका जो तेल क्षेत्र की प्रोसेसिंग फैसिलिटी की तरफ जा रहा था, इसका मलबा तेल क्षेत्र में काम कर रहे एक कॉन्ट्रैक्टर की गाड़ी पर गिरा, जिससे आग लग गई।
मंत्रालय ने कहा कि इससे तेल क्षेत्र में कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा।
निशाना
सऊदी की तेल सुविधाओं पर हमलें
हूती विद्रोही सऊदी के हवाई अड्डों के बाद अब ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर भी हमले बढ़ा रहे हैं।
पिछले महीने, एक इंटरसेप्टेड हूती ड्रोन के मलबे से सऊदी अरब में एक यमन के रहने वाले की मौत हो गई। यह ग्रुप के देश पर हमले बढ़ाने के बाद पहली आम नागरिक की मौत थी।
रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले के बाद उसे 10 अक्टूबर को बंद कर दिया गया था।
सुरक्षा
अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया आदेश
अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को कहा कि लगातार हो रहे हमलों के बीच वॉशिंगटन ने गैर-जरूरी अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है।
विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि यह फैसला हूती हमलों से जुड़ा है, जिसमें हवाई अड्डों को टारगेट करके किए गए हमले भी शामिल हैं।
पिगॉट ने कहा कि कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।