डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से की बात, पश्चिम एशिया तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। इस दौरान उनकी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चर्चा हुई। यह जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर दी। उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।'
बयान
भारत ने शांति बहाल का समर्थन किया- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भी बातचीत की जानकारी एक्स पर देते हुए लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया था, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने लिखा कि भारत तनाव कम करने और जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी दुनिया के लिए खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे। उन्होंने लिखा कि भारत-अमेरिका शांति और स्थिरता के लिए एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे।
चर्चा
ईरान द्वारा ट्रंप के दावे को झुठलाने के बाद फोन
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से तब बात की है, जब उन्होंने एक दिन पहले ईरान से बातचीत के बाद उसके ऊर्जा सुविधाओं पर 5 दिन तक हमले टालने की बात कही थी। हालांकि, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने उनके दावे को 'फर्जी खबर' बताया था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है और फर्जी खबरों का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने के लिए हो रहा है।
जरूरी
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट टलना जरूरी
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया से ईधन आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत होकर गुजरता है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल समेत उनके सहयोगी देशों को होर्मुज से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत, रूस और चीन समेत कुछ अन्य देशों को छूट है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी 112 डॉलर (10,463 रुपये) तक पहुंच गई हैं। ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाकर वैश्विक आर्थिक नुकसान को कम करना चाहते हैं।
बातचीत
मोदी की अब तक कई देशों के प्रमुख से बात
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान युद्ध शुरू होने के बाद कई देशों के प्रमुखों से बात की है, जिसमें खाड़ी देशों की संख्या अधिक है। मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शेख मोहम्मद बिन ज़ायद समेत कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के प्रमुखों से भी चर्चा की। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी 2-2 बार बात की है।
प्रस्ताव
कूटनीति और बातचीत से संकट निकालने के पक्ष में भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बातचीत से पहले राज्यसभा में और सोमवार को लोकसभा में पश्चिमी एशिया में तनाव को लेकर देश और संसद को जानकारी दी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत शुरूआत से ही शांति के पक्ष में है और उन्होंने सभी देशों से कूटनीति और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया है। मोदी ने संसद में होर्मुज जलडमरूमध्य पर पाबंदी को अस्वीकार्य बताया है।
बातचीत
पाकिस्तान के सेना प्रमुख को भी फोन कर चुके हैं ट्रंप
पश्चिम एशिया में अभी हालात उथल-पुथल भरे हैं। ट्रंप पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से भी बात कर चुके हैं। मुनीर ने मध्यस्थता के प्रयासों पर बल दिया है, जिसके लिए इस्लामाबाद को संभावित स्थल के रूप में प्रस्तावित किया है। इसमें सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र भी शामिल हो सकते हैं। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी अजरबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्की और तुर्कमेनिस्तान के समकक्षों के संपर्क में हैं।