डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा लगाते तस्वीर साझा की, NATO अध्यक्ष से हुई बात
क्या है खबर?
डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ तनाव गहराता जा रहा है। डेनमार्क ने अपनी डेनिश सेना की द्वीप पर तैनाती बढ़ा दी है, जिसके बाद अमेरिकी ने भी अपने सैन्य विमान भेजे हैं। नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने बताया कि उसके विमान पिटुफिक सैन्य अड्डे पर पहुंचेंगे। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा लगाते तस्वीर साझा की है। उन्होंने NATO प्रमुख से भी बात की है।
जानकारी
तस्वीर से ग्रीनलैंड पर कब्जे का संकेत
ट्रंप ने जो तस्वीर ट्रुथ पर साझा की है, उसमें ग्रीनलैंड पर एक बोर्ड लगा दिख रहा है, जिसमें लिखा है, "ग्रीनलैंड, अमेरिकी सीमा, स्थापना 2026" इस तस्वीर में उनके साथ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेन्स और विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिख रहे हैं।
बेस
डेनमार्क ने भी किया है सैन्य अभ्यास
NORAD का कहना है कि यह तैनाती पहले से तय सैन्य गतिविधियों के तहत हो रही है। अमेरिकी सैन्य विमान कनाडा के ठिकानों से संचालित अन्य विमानों के साथ मिलकर रक्षा गतिविधि में शामिल होगा। इससे पहले डेनमार्क ने ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था, जिसके बाद अमेरिका ने यह कदम उठाया है। उस अभ्यास में जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड के सैनिक शामिल थे। यह अभ्यास ग्रीनलैंड में हुआ था।
बातचीत
ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर NATO प्रमुख से बात की
ट्रंप ने ट्रुथ पर बताया कि उन्होंने NATO महासचिव मार्क रुट्टे से ग्रीनलैंड के विषय पर अच्छी बातचीत की और स्विट्जरलैंड के दावोस में विभिन्न पक्षों की बैठक के लिए सहमत हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और विश्व सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं, जिससे सभी सहमत हैं। उन्होंने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बताते हुए कहा कि अमेरिका ही शक्ति के बल पर शांति सुनिश्चित कर सकता है।
तैनाती
ग्रीनलैंड के पिटुफिक सैन्य अड्डे पर पहले से तैनात है अमेरिकी सेना
ग्रीनलैंड की सुरक्षा डेनमार्क नियंत्रित करता है, लेकिन 1951 में हुए अमेरिका-डेनमार्क रक्षा समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड पर बेस बनाने का अधिकार है। अमेरिकी सेना पहले से थुले हवाई अड्डे पर तैनात है, जिसका नाम 2023 में पिटुफिक स्पेस अड्डा किया गया है। यह अमेरिका और कनाडा की रक्षा के लिए संयुक्त कमान है। यहां से रूस या अन्य देशों से लॉन्च की गई बैलिस्टिक मिसाइल का पता चल सकता है।
ट्विटर पोस्ट
ट्रंप ने ट्रुथ पर साझा की तस्वीर
BREAKING: Trump post on Greenland pic.twitter.com/54p6j1MHlu
— The Spectator Index (@spectatorindex) January 20, 2026