अपनी 'लिखावट' के लिए पुलित्जर पुरस्कार मांग रहे ट्रंप, सोशल मीडिया पर चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वे इस बात को लेकर चर्चा में हैं कि उन्हें अपनी लिखावट के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिलना चाहिए था।
दक्षिण कैरोलिना में एक रैली के दौरान, ट्रंप ने उन पत्रकारों पर निशाना साधा, जिन्हें रूसी जांच कवर करने के लिए पुलित्जर मिले थे। उन्होंने कहा कि उनकी रिपोर्टिंग गलत थी।
उन्होंने भीड़ से कहा, "मुझे नोबेल प्राइस नहीं मिला। मुझे पुलित्जर नहीं मिला। मुझे अपनी लिखावट के लिए भी पुलित्जर मिलना चाहिए था।"
ट्रंप के पुलित्जर दावों पर ऑनलाइन जमकर मजाक उड़ा
ट्रंप की इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर खूब हंसी-मजाक हुआ। लोगों ने उनकी लिखने की क्षमता पर सवाल उठाए और उनकी शिकायतों का मजाक उड़ाया।
दरअसल, इस साल के पुलित्जर पुरस्कार 'द वाशिंगटन पोस्ट' को (ट्रंप के कार्यकाल में संघीय एजेंसियों में हुए बदलावों पर रिपोर्टिंग के लिए) और 'द शिकागो ट्रिब्यून' को (अप्रवास प्रवर्तन से जुड़ी कहानियों के लिए) दिए गए।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें नोबेल शांति प्राइस का हकदार होना चाहिए।
क्या है पुलित्जर पुरस्कार?
पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता, साहित्य, नाटक और संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित अमेरिकी पुरस्कार है। इसकी शुरुआत 1917 में हुई थी। यह पुरस्कार अखबारों, पत्रकारों और लेखकों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करता है। इसे पत्रकारिता के क्षेत्र में दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है।