LOADING...
निकोलस मादुरो को उठाकर क्या अमेरिका ने तोड़ा अंतरराष्ट्रीय कानून? जानिए क्या कहते हैं नियम-कायदे
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर लिया है

निकोलस मादुरो को उठाकर क्या अमेरिका ने तोड़ा अंतरराष्ट्रीय कानून? जानिए क्या कहते हैं नियम-कायदे

लेखन आबिद खान
Jan 04, 2026
03:04 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरोे और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिका की इस कार्रवाई पर दुनिया 2 खेमों में बंट गई है। डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं, तो आलोचक इसे अंतरराष्ट्रीय कानून को घोर उल्लंघन बता रहे हैं। आइए जानते हैं कि ऐसे मामलों में कानून क्या कहता है।

कानून

क्या कहता है कानून?

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, अमेरिका के पास किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष को पद से हटाने की शक्ति नहीं है। अमेरिका द्वारा मादुरो को पकड़ना अक्टूबर, 1945 के UN चार्टर का उल्लंघन है। समझौते का अनुच्छेद 2(4) है जो कहता है कि राज्यों को अन्य देशों के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करने से परहेज करना चाहिए। इसमें लिखा है, "सभी सदस्य किसी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल के प्रयोग या धमकी से परहेज करेंगे।"

UN

UN ने कहा- ये खतरनाक मिसाल पेश करेगा

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अमेरिका के कदम की आलोचना की है। महासचिव के प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक ने कहा, "वेनेजुएला की आंतरिक स्थिति से हटकर भी, इस तरह के घटनाक्रम खतरनाक उदाहरण पेश करते हैं। महासचिव लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून खासतौर पर UN चार्टर का सभी देशों द्वारा पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए। महासचिव इस बात से बेहद चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का पालन नहीं किया गया।"

Advertisement

अमेरिका

अमेरिका ने हमले को कैसे उचित ठहराया है?

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी एक सैन्य अभियान का हिस्सा थी, जिसे न्याय विभाग द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के लिए सैन्य सहायता मांगे जाने के बाद तैयार किया गया था। इससे पहले लगातार अमेरिका ने चुनावों में धांधली बताकर मादुरो के शासन को अवैध बताया है। हालांकि, हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो पर अमेरिकी तेल हितों की चोरी का आरोप लगाया और कहा कि वेनेजुएला में अमेरिका ही शासन करेगा।

Advertisement

विशेषज्ञ

क्या कह रहे हैं जानकार?

अंतरराष्ट्रीय कानून की प्रोफेसर सुसान ब्रेउ ने गार्जियन से कहा, "यह हमला तभी वैध माना जा सकता था, जब अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कोई प्रस्ताव मिल जाता या वह आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रहा होता। इन दोनों ही मोर्चों पर कोई सबूत नहीं है। अमेरिका इस बात पर बहस करेगा कि मादक पदार्थों की तस्करी का मामला है, लेकिन इसका कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला कि वे तस्कर वेनेजुएला से थे।"

Advertisement