ब्रिटेन में पहली बार 19 साल के किशोर का अंडकोष ऊतक प्रत्यारोपण किया गया
ब्रिटेन में पहली बार 19 साल के एक लड़के का वृषण ऊतक (टेस्टिकुलर टिशू) प्रत्यारोपित किया गया है। यह ब्रिटेन में किसी किशोर पर किया गया पहला ऐसा प्रत्यारोपण है।
बताया जा रहा है कि किशोर को एक गंभीर रक्त विकार के इलाज के बाद इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था।
एडिनबर्ग के डॉक्टरों ने उसके शरीर में वह ऊतक (टिशू) फिर से लगाया, जिसे 3 साल पहले निकालकर जमा (फ्रीज) कर दिया था।
डॉक्टरों को उम्मीद है कि इससे वह भविष्य में शुक्राणु (स्पर्म) बना पाएगा। यह एक बड़ी कामयाबी बताई जा रही है।
इस प्रत्यारोपण से ब्रिटेन के 1,200 से अधिक मरीजों की उम्मीद बढ़ी
चिल्ड्रन विद कैंसर से मिले फंड और एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के एक दशक के शोध के बाद यह संभव हो पाया है, जो लड़के इलाज से पहले शुक्राणु जमा (स्पर्म फ्रीज) नहीं कर पाते, उनके लिए यह नई उम्मीद लेकर आया है।
प्रत्यारोपित ऊतक में खास कोशिकाएं होती हैं, जिनकी मदद से भविष्य में शुक्राणु बन सकते हैं। इसके नतीजे जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।
अगर यह सफल रहा, तो ब्रिटेन में 1,200 से अधिक युवा मरीजों के लिए संतान पैदा करने के नए रास्ते खुल जाएंगे। एडिनबर्ग के इंस्टीट्यूट फॉर रीजनरेशन एंड रिपेयर के डेवलपमेंटल एंडोक्रिनोलॉजी प्रोफेसर और NHS लोथियन में बाल रोग एंडोक्रिनोलॉजिस्ट रॉड मिशेल ने कहा है, "यह उन लड़कों की मदद करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिनका इलाज उनकी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। अब वे भी अपने बच्चे पैदा कर पाएंगे।"