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रूस और यूक्रेन के आपातकालीन अलर्ट ऐप पर साइबर हमला, लोगों को भेजे गए फर्जी मैसेज
रूस और यूक्रेन के इमरजेंसी अलर्ट ऐप पर साइबर हमला

रूस और यूक्रेन के आपातकालीन अलर्ट ऐप पर साइबर हमला, लोगों को भेजे गए फर्जी मैसेज

Nov 02, 2026
02:27 pm

क्या है खबर?

रूस और यूक्रेन के आपातकालीन चेतावनी ऐप साइबर हमलों का निशाना बने हैं। दोनों देशों के लोगों को इन ऐप के जरिए ऐसी सूचनाएं मिलीं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था। रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने सोमवार सुबह टेलीग्राम पर अपने ऐप पर बड़े साइबर हमले की जानकारी दी। यूक्रेन ने भी बताया कि उसके हवाई हमले से जुड़े अलर्ट ऐप को निशाना बनाया गया है। हालांकि, दोनों घटनाओं के पीछे कौन है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मैसेज

रूस और यूक्रेन में लोगों के बीच फैली गलत जानकारी

रूस में जिस ऐप पर हमला हुआ, उसका इस्तेमाल लोगों को ड्रोन हमलों के खतरे से आगाह करने के लिए किया जाता है।

रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसमें गलत सूचनाएं दिखाई देने लगी थीं। यूक्रेन में भी कीव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को मोबाइल पर फर्जी चेतावनियां मिलीं।

इन मैसेजेस में परमाणु और रासायनिक हमले के खतरे के साथ सड़कों पर गोलीबारी होने जैसी बातें कही गई थीं।

दावा

मिसाइल तैनाती का भी किया गया झूठा दावा

यूक्रेन के अलर्ट ऐप पर आए एक मैसेज में कहा गया कि रूस ने ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल तैनात कर दी है।

यूक्रेन की वायुसेना ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि इलाके में विकिरण का कोई खतरा नहीं है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे अनजान मैसेज से घबराने के बजाय सरकारी माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करें।

यूक्रेन के रणनीतिक संचार केंद्र स्प्रावडी ने इस हमले के लिए रूस पर आरोप लगाया है।

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युद्धविराम

युद्धविराम खत्म होने के बीच सामने आई घटनाएं

कीव के लिए इस्तेमाल होने वाला यूक्रेन का एक दूसरा चेतावनी ऐप सामान्य रूप से काम कर रहा था।

रूस और यूक्रेन के ऐप पर हुई गड़बड़ी की खबर ऐसे वक्त आई है, जब रूस के कब्जे वाले खेरसॉन क्षेत्र में स्थानीय युद्धविराम रविवार को समाप्त हो गया। यह युद्धविराम मंगलवार से लागू था।

इसे दोनों देशों के बीच जारी युद्ध के दौरान अब तक का सबसे लंबा स्थानीय युद्धविराम बताया गया था।

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