यौन उत्पीड़न पर कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का सख्त रुख, बाहरी जांच के आदेश
कॉर्नेल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष माइकल कोटलिकाफ ने कहा है कि विश्वविद्यालय ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि 2024 के यौन उत्पीड़न मामले जैसी कोई भी घटना फिर कभी न दोहराई जाए। यह मामला एक छात्रा जेन डो से जुड़ा है, जिसने आरोप लगाया है कि एक फ्रैटर्निटी, उसकी सोरॉरिटी और 7 सदस्यों ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि इस घटना में ड्रग्स और शराब का इस्तेमाल हुआ था। मामले में सभी आरोपियों ने अभी चुप्पी साध रखी है। हालांकि, कम से कम 3 आरोपियों के वकीलों ने किसी भी आपराधिक कृत्य से साफ इनकार किया है।
समीक्षा के लिए कॉर्नेल ने बाहरी लॉ फर्म नियुक्त की
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने मामले की स्वतंत्र समीक्षा के लिए एक बाहरी लॉ फर्म नियुक्त की है। अध्यक्ष कोटलिकाफ ने न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल की इस मामले में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर के तौर पर भागीदारी का भी समर्थन किया है। विश्वविद्यालय अब फ्रैटर्निटी और सोरॉरिटी की जिम्मेदारियों पर फिर से विचार कर रही है और राज्य के सेक्सुअल असॉल्ट कानूनों में बदलाव की मांग कर रही है। विश्वविद्यालय उम्मीद करती है कि उसके रिसर्च के जरिए बेहतर नीतियों को आकार दिया जा सकेगा।