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दूषित भोजन में हर साल होती हैं 15 लाख मौतें, WHO के अध्ययन में हुआ खुलासा
दुनियाभर में हर साल दूषित भोजन से 15 लाख मौतें होती हैं (तस्वीर: फाइल)

दूषित भोजन में हर साल होती हैं 15 लाख मौतें, WHO के अध्ययन में हुआ खुलासा

Jun 04, 2026
03:21 pm

क्या है खबर?

दुनियाभर में दूषित भोजन से हर साल लगभग 15 लाख लोगों की मौतें होती हैं और इनमें 5 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। दरअसल, WHO द्वारा 2000 से 2021 के बीच 194 देशों में किए गए भोजन से संबंधित एक विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ऐसे में WHO ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी है।

बीमरी

दूषित भोजन से हर साल बीमार पड़ते हैं 8.60 करोड़ लोग

WHO के विश्लेषण के अनुसार, दुनियाभर में दूषित भोजन के सेवन से हर साल लगभग 8.60 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं और छोटे बच्चे अन्य आयु वर्ग के बच्चों की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक संवेदनशील होते हैं। WHO का कहना है किखाद्य सुरक्षा कोई अमूर्त मुद्दा नहीं है। यह हर भोजन, हर परिवार और हर दिन को प्रभावित करता है। ऐसे में भोजन की दूषितता को खत्म करना आज के समय में काफी अहम मुद्दा बन गया है।

बयान

WHO महानिदेशक ने क्या दिया बयान?

WHO महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा, "2000 के बाद से खाद्य जनित बीमारियों की समग्र दर में गिरावट आई है, लेकिन क्षेत्रीय असमानताएं स्पष्ट रूप से हैं। अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में वैश्विक मामलों का तीन-चौथाई और असुरक्षित भोजन से जुड़ी मौतों का 60 प्रतिशत हिस्सा है।" विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में मामलों की अधिकता अपर्याप्त कोल्ड-चेन बुनियादी ढांचे, सीमित खाद्य निरीक्षण क्षमता और सीमित सार्वजनिक स्वास्थ्य संसाधनों सहित गहरी संरचनात्मक चुनौतियों को दर्शाती है।

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हालात

साल 2021 में जैविक खतरों के 86 करोड़ मामले सामने आए

WHO के अनुसार, बैक्टीरिया और वायरस सहित जैविक खतरों के कारण 2021 में लगभग 86 करोड़ मामले सामने आए, जो खाद्य जनित बीमारियों का एक बड़ा हिस्सा थे। हालांकि, रासायनिक प्रदूषकों के कारण मृत्यु दर में काफी वृद्धि हुई, जिनमें आर्सेनिक और सीसा को मृत्यु के प्रमुख गैर-जैविक कारणों के रूप में पहचाना गया। अधिकारियों ने बताया कि भारी धातुओं का प्रदूषण अक्सर औद्योगिक प्रदूषण और असुरक्षित कृषि इनपुट के उपयोग से होता है।

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चेतावनी

WHO की तकनीकी अधिकारी ने क्या दी चेतावनी?

खाद्य सुरक्षा के लिए WHO की तकनीकी अधिकारी युकी मिनाटो ने चेतावनी दी है कि समस्या और भी गंभीर होती जा रही है। उन्होंने समाचार एजेंसी AFP से कहा, "आंकड़े बताते हैं कि खाद्य जनित बीमारियां न केवल बनी हुई हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण और भी बदतर हो रही हैं। इससे संदूषण का खतरा बढ़ जाता है और रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारण संक्रमणों का इलाज करना कठिन हो जाता है। ऐसे में मौतों का ग्राफ बढ़ रहा है।"

नुकसान

खाद्य जनित बीमारियों से हुआ 61.96 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

WHO के अधिकारियों ने सरकारों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, निगरानी अवसंरचना में निवेश करने और आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को दूर करने के लिए सीमा पार सहयोग को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। अध्ययन के अनुसार, दूषित भोजन से मानवीय क्षति के अलावा, खाद्य जनित बीमारियों के कारण 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को उत्पादकता में नुकसान के रूप में 647 बिलियन डॉलर (लगभग 61.96 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है।

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