
कजाकिस्तान: कोयला खदान में आग लगने से 32 लोगों की मौत, 18 अभी भी लापता
क्या है खबर?
कजाकिस्तान में एक कोयला खदान में आग लगने से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है और 14 लापता हैं। 28 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।
हादसे के वक्त खदान में 252 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से 206 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
ये घटना कजाकिस्तान के कोस्टेंको इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुई है, जिसका संचालन स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल करती है।
गैस
मीथेन गैस लीक होने से हुआ धमाका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे की वजह मीथेन गैस के लीकेज को बताया जा रहा है।
घटना के बाद कंपनी ने एक बयान में कहा, "कोस्टेंको खदान में मौजूद 252 लोगों में से 208 को निकाल लिया गया है और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।"
घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है। बता दें कि ये हादसा 28 अक्टूबर की सुबह-सुबह हुआ है।
शोक
एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने 29 अक्टूबर को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
उन्होंने अपने मंत्रिमंडल को कंपनी के साथ निवेश सहयोग बंद करने का आदेश दिया है।
घटना पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी शोक व्यक्त किया है।
सरकार ने कहा कि वह देश की सबसे बड़ी स्टील मिल संचालित करने वाली कंपनी का राष्ट्रीयकरण करने के लिए एक सौदे को अंतिम रूप दे रही है।
बयान
राष्ट्रपति बोले- आर्सेलर मित्तल इतिहास की सबसे खराब कंपनी
राष्ट्रपति टोकायेव ने आर्सेलर मित्तल समूह को 'इतिहास की सबसे खराब' कंपनी कहा और सरकार को कंपनी की कजाख शाखा का नियंत्रण लेने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा, "किसी कंपनी और सरकार के बीच सहयोग के दृष्टिकोण से यह कंपनी हमारे इतिहास में सबसे खराब साबित हुई है। कंपनी का मौजूदा प्रबंधन कुछ करने लायक नहीं है।"
राष्ट्रपति ने घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात कही है।
घटना
2 महीने में यह दूसरी घटना
कजाकिस्तान में आर्सेलर मित्तल कंपनी की खदान पर बीते 2 महीने में यह दूसरी घटना है।
इससे पहले अगस्त में इसी क्षेत्र में एक खदान में एक दुर्घटना में 5 मजदूरों की मौत हो गई थी। कुछ महीनों पहले इसी कपंनी की कारागांडा में स्थित खदान में भी हादसा हुआ था। तब मीथेन गैस लीक होने से 4 लोगों की मौत हुई थी।
इसी खदान में नवंबर, 2022 में भी मीथेन गैस लीक हुई थी।