
ब्रिटिश संसद में ब्रेक्जिट पर प्रधानमंत्री थेरेसा मे का प्रस्ताव खारिज, गिर सकती है सरकार
क्या है खबर?
ब्रिटिश संसद ने ब्रेक्जिट (Brexit) पर प्रधानमंत्री थेरेसा मे के प्रस्ताव को भारी अंतर से खारिज कर दिया है।
संसद में हुई वोटिंग में डील के विरोध में 202 के मुकाबले 432 सांसदों ने वोट दिया। ब्रिटेन के इतिहास में किसी भी सरकार का बिल कभी भी इतने भारी अंतर से नहीं गिरा।
मौके को भुनाते हुए लेबर पार्टी के प्रमुख और संसद में नेता प्रतिपक्ष जेरेमी कॉर्बिन ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है।
वोटिंग
खुद के सांसदों ने ही विरोध में दिया वोट
प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने वोटिंग से पहले सांसदों से ब्रिटेन की भलाई के लिए बिल का समर्थन करने की अपील की।
उनकी यह अपील काम नहीं आई और खुद उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने बिल के विरोध में वोटिंग की।
बिल गिरने के बाद भी थेरेसा का कहना है कि उनकी डील यूरोपीय संघ (EU) से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है।
बता दें कि ब्रिटेन के EU से बाहर निकलने की अंतिम तारीख 29 मार्च है।
भविष्य
आगे क्या?
थेरेसा दोबारा भी ब्रेक्जिट डील संसद में पेश कर सकती हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें पहले अविश्वास प्रस्ताव से पार पाना होगा।
अगर 29 मार्च तक डील पास नहीं होती तो ब्रिटेन को बिना किसी डील के EU छोड़ना होगा। बिना डील के बाहर निकलने के ब्रिटेन और EU की अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ब्रेक्जिट की मियाद को EU द्वारा बढ़ाया भी जा सकता है लेकिन ऐसा केवल कुछ महीनों के लिए ही हो सकता है।
ब्रेक्जिट और EU
क्या है ब्रेक्जिट और यूरोपियन संघ?
ब्रेक्जिट का मतलब है ब्रिटेन (UK) का EU से बाहर निकलना।
संघ से बाहर निकलने के प्रस्ताव पर UK में 23 जून, 2016 को जनमत संग्रह हुआ था, जिसमें मतदाताओं ने 48.1 के मुकाबले 51.9 प्रतिशत वोटों से EU छोड़ने का फैसला किया था।
यूरोपीय संघ (EU) 28 यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग के लिए बना संगठन है। EU में शामिल देशों में लोग और सामान बिना किसी रुकावट के आ-जा सकते हैं।