ऑस्ट्रेलिया में 80 प्रतिशत बढ़े साइबर हमले, बुनियादी ढांचों पर खतरा
ऑस्ट्रेलिया की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने जानकारी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब हैकर्स के लिए एक बड़ी गेम चेंजर बन चुका है। यहां साइबर हमले बढ़ने से चिंता बढ़ गई है।
एजेंसियों का कहना है कि विदेशी सरकारें इस आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नेटवर्कों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रही हैं।
ओपनAI और एन्थ्रोपिक जैसे बड़े डेवलपर्स के AI मॉडल्स से जुड़ी कई हैकिंग की घटनाओं ने दुनिया भर की इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि AI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर हमलों के लिए आसानी से हो सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई साइबर सिक्योरिटी चेतावनियों में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी
ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर 2026 तक पिछले 12 महीनों के दौरान साइबर सिक्योरिटी चेतावनियों में 80 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों से आने वाले सरकार-समर्थित हैकर्स ने संवेदनशील जानकारियों को निशाना बनाया।
रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस का कहना है कि अब ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को अपने कंप्यूटर को अपडेट करना और अपने सिस्टम को और मजबूत बनाना चाहिए।
अच्छी खबर यह है कि सरकारें और टेक्नोलॉजी कंपनियां एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बड़ी कमियों को दूर करने में तेजी से जुटी हैं, जिस पर दुनिया की ज्यादातर वेबसाइट्स चलती हैं।