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फिर से ताकतवर हो रहा अलकायदा? UN का दावा- 50 गुना बढ़े सदस्य 
अलकायदा के सदस्यों और रणनीतियों को लेकर UN ने चिंता जताई है (फाइल और प्रतीकात्मक तस्वीर)

फिर से ताकतवर हो रहा अलकायदा? UN का दावा- 50 गुना बढ़े सदस्य 

लेखन आबिद खान
Feb 18, 2026
06:09 pm

क्या है खबर?

सालों तक नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद आतंकी संगठन अलकायदा फिर से ताकतवर होता नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी संस्था ने दावा किया है कि इस संगठन के पास 9/11 आतंकी हमले से पहले की तुलना में फिलहाल 50 गुना ज्यादा नए सदस्य हैं। द टाइम्स अखबार के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र निगरानी समूह ने यह निष्कर्ष निकाला है कि अलकायदा के पास फिलहाल 25,000 सदस्य हैं, जबकि 9/11 के समय करीब 5,000 सदस्य थे।

रिपोर्ट

UN बोला- अलकायदा दुनियाभर में हमले के लिए प्रतिबद्ध

UN ने चेतावनी दी है कि हाल के वर्षों में इस्लामिक स्टेट जैसे समूहों के प्रमुखता से सामने आने के बावजूद, अलकायदा ने अपने हथियार नहीं डाले हैं और वह बड़े पैमाने पर हमले करने के लिए प्रतिबद्ध है। UN टीम के कॉलिन स्मिथ ने कहा, "वे अब भी हमारे खिलाफ हमले की योजना बना रहे हैं। खतरा अब भी बना हुआ है। अगर हम उस खतरे को नजरअंदाज करते हैं, तो यह हमारे लिए घातक साबित होगा।"

तरीका

भर्ती रणनीति में बदलाव ला रहा अलकायदा- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, अलकायदा ने स्थानीय समस्याओं और गरीबी का इस्तेमाल कर या पैसों का लालच देकर नए सदस्यों की भर्ती की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की निगरानी टीम ने प्रचार में बदलाव, लक्षित समूहों की बहुध्रुवीयता और आतंकवादी संगठनों के अनुकूलन और विकास के तरीकों में भी बदलाव पाया है। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी समूह युवाओं को निशाना बना रहे हैं। यहां तक कि बच्चों को भी, क्योंकि उन्हें आसानी से कट्टरपंथी बनाया जा सकता है।

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अफगानिस्तान

अलकायदा के लिए सुरक्षित स्थल के तौर पर उभर रहा अफगानिस्तान

रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद ये जगह अलकायदा के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर उभरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अलकायदा को तालिबान का संरक्षण मिला हुआ है और वह अफगानिस्तान में अन्य आतंकवादी समूहों खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को सलाह और उसके लड़ाकों को प्रशिक्षण देता है। भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (AQIS) दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय बना हुआ है, जहां हक्कानी नेटवर्क का प्रभाव है।

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प्रमुख

AQIS प्रमुख काबुल में छिपे- रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, AQIS प्रमुख ओसामा महमूद और उनके उप प्रमुख याह्या गौरी के काबुल में होने की आशंका है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि "ऐसी चिंताएं थीं कि AQIS तेजी से बाहरी अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। ऐसे अभियान संभवतः इत्तिहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नामक एक संगठन के तहत संचालित किए जा रहे हैं, ताकि AQIS के मेजबान के रूप में तालिबान के लिए मुश्किलें पैदा न हों।"

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