केन प्राइज के विजेता की कहानी में AI के उपयोग का शक, जांच शुरू
अफ्रीकी लेखन के लिए दिया जाने वाला केन प्राइज 2026 जिम्बाब्वे के सिंबाराशे कुंदिजेजा को मिला है, जिन्होंने अपनी कहानी 'द ब्लू फाइटर' के लिए लंदन में यह पुरस्कार जीता है। हालांकि, अब पुरस्कार जीतने वाले विजेता पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि लेखन ने अपनी विजयी कहानी के लिए AI का इस्तेमाल किया और कहानी के ज्यादातर हिस्से को मशीन से लिखा है। यह गड़बड़ी पैंग्राम नाम के एक AI टूल के जरिए सामने आई है, जिसके बाद खुद केन प्राइज फाउंडेशन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
AI डिटेक्टरों की निष्पक्षता पर बहस तेज हुई
केन प्राइज के आयोजक एक तरफ कुंदिजेजा के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ AI डिटेक्टरों की सटीकता और निष्पक्षता पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।
कई आलोचकों का मानना है कि ये टूल अश्वेत लेखकों के साथ पक्षपात कर सकते हैं और अभी तक इनकी ठीक से बड़े पैमाने पर जांच भी नहीं हुई है।
बता दें कि केन प्राइज AI स्क्रीनिंग का इस्तेमाल नहीं करता है बल्कि, यह लेखकों पर भरोसा करता है कि वे अपने लिखे को खुद प्रमाणित करें। इस पूरे मामले में जांच फिलहाल अभी भी जारी है।
हालांकि, कुंदिजेजा अपनी बात पर कायम हैं। उनका कहना है कि उन्होंने यह कहानी खुद लिखी है और उन्हें अपने काम पर पूरा भरोसा है।
वर्ष 2026 में 6 महीने से कम में यह तीसरा मामला है जब कोई लघुकथा पुरस्कार इस स्थिति में फंसी है।