एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी का कायाकल्प शुरू, 2029 तक सौंपे जाएंगे हजारों घर
क्या है खबर?
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के तहत माटुंगा में रेलवे की 22 एकड़ जमीन पर घर बनाने का काम शुरू हो गया है। अडाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) ने 12 अक्टूबर को माटुंगा रेलवे स्थल पर भूमि पूजन किया, जो एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में से एक, धारावी के पुनर्वास निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। धारावी में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं।
निर्माण
2029 तक सौंप दिए जाएंगे 5 टावर
अडाणी समूह के अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास परियोजना में 10,432 अपार्टमेंट के साथ-साथ धारावी के पात्र निवासियों के लिए वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयां शामिल होंगी।
पुनर्वास के तहत पहले 5 टावर 2029 तक सौंप दिए जाने की उम्मीद है। कंपनी सुनिश्चित करेगी कि पात्र निवासियों को यथास्थान पुनर्वास योजना के तहत 350 वर्ग फुट के घर मिलें।
माटुंगा में 10 टावर बन रहे हैं जिनमें 10,432 घर और 1,379 वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं।
चरण
3 चरण में सौंपे जाएंगे 10 टावर
परियोजना में अमेरिका स्थित डिजाइन फर्म सासाकी, ब्रिटेन स्थित इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी ब्यूरो हैपोल्ड, मुंबई स्थित स्टूडियो पीओडी, प्रसिद्ध वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर, पी एंड टी और एआरसी स्टूडियो के साथ-साथ सिंगापुर के शहरी नियोजन विशेषज्ञों की डिजाइन, इंजीनियरिंग और शहरी नियोजन विशेषज्ञता शामिल है।
कंपनी ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के अधीन परियोजना के तहत 10 टावर 3 चरणों में सौंपे जाएंगे। पहला चरण 5 मार्च 2029, दूसरा चरण 2 अगस्त 2029 और बाकी 3 अगस्त 2030 तक सौंपा जाएगा।
टावर
कैसे होंगे टावर?
हिंदुस्तान टाइम्स ने अडाणी समूह के हवाले से बताया कि प्रत्येक टावर में 37 से 39 मंजिलें, 10 से 12 यात्री लिफ्ट और दो विशेष अग्निशामक लिफ्ट होंगी।
दो अतिरिक्त लिफ्ट वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध होंगी।
सुविधाओं में एक बालवाड़ी, सामुदायिक हॉल, पोडियम गार्डन, बैठने की जगहें, सोसायटी कार्यालय और पूजा स्थल शामिल होंगे।
ANDPL सौंपे जाने के बाद पहले 10 वर्षों तक भवनों और साझा बुनियादी ढांचे का रखरखाव करेगी।
परियोजना
धारावी पुनर्विकास परियोजना को जानिए
मुंबई के मध्य में लगभग 600 एकड़ में फैले धारावी पुनर्विकास परियोजना विशाल बस्ती को एक आधुनिक, एकीकृत और परिवहन-उन्मुख इलाका बनाएगा।
परियोजना के तहत जर्जर मकानों को हटाकर नए आवास बनाए जाएंगे, सुविधाएं दी जाएंगी, चौड़ी सड़कें होंगी, खुले स्थान होंगे।
नवंबर 2022 में अडाणी समूह ने बोली जीती और 5,069 करोड़ का प्रारंभिक निवेश किया। यहां 10 लाख निवासियों के पुनर्वास के लिए डेढ़ लाख नए घर बनेंगे।
हर पात्र को 350 वर्ग फुट का मकान मिलेगा।