पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- कांग्रेस ने CEC को दिया था पद्म पुरस्कार
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन के तीखे हमलों के बीच केंद्र सरकार ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयुक्तों को पद्म पुरस्कार जैसी रिश्वत दी और बाद में राजनीतिक पद भी बांटे। गोयल ने राहुल के विरोध प्रदर्शनों को बचकाना रवैया और दोगला चरित्र करार दिया।
आरोप
गोयल ने क्या लगाया आरोप?
नई दिल्ली में जनता दल यूनाइटेड (JDU) नेता राजीव रंजन सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कांग्रेस के ट्रैक रिकॉर्ड की धज्जियां उड़ाईं।
उन्होंने कहा, "एमएस गिल ने 1996 से 2001 तक CEC के रूप में कार्य किया। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। साल 2000 में उन्हें पद पर रहते हुए भारत के दूसरे सर्वोचच नागरिक सम्मान से नवाजा गया। क्या यह एक प्रलोभन नहीं था? क्या यह वास्तव में रिश्वत का एक रूप नहीं था?"
चाटूकारिता
"गिल की चाटुकारिता को पुरस्कृत करने के लिए दिया गया था सम्मान"
गोयल ने कहा, "गिल की चाटुकारिता को पुरस्कृत करने के लिए पद्म पुरस्कार दिया गया था। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए, राज्यसभा गए और उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाए गए। एक व्यक्ति का चुनाव आयोग, संसद और केंद्रीय कैबिनेट के बीच इस तरह घूमना सौदेबाजी का एक स्पष्ट प्रतीक है।"
उन्होंने टीएन शेषन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका CEC का कार्यकाल 31 दिसंबर, 1985 को खत्म हो गया था। इसके बार उन्हें राज्यपाल बना दिया गया।
इतिहास
शेषन को चुनाव टिकट देने पर क्या बोले गोयल?
गाेयल ने कहा, "साल 1999 में कांग्रेस ने शेषन को लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का अवसर दिया। यदि वे एक चुनाव आयुक्त के रूप में इतनी ईमानदारी के साथ चुनावी प्रणाली का संचालन कर रहे थे, तो आडवाणी जैसे नेता के खिलाफ इतने महत्वपूर्ण चुनाव में उन्हें पार्टी का उम्मीदवार बनाना, क्या उन्हें पुरस्कृत करने का एक तरीका नहीं था?"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने CEC कार्यालय का स्तर गिरा दिया था।
ट्विटर पोस्ट
यहां सुने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का पूरा बयान
Delhi: Union Minister Piyush Goyal says, "I want to ask Rahul Gandhi 10 questions today through you. I believe he will not have an answer to even one of these 10 questions. Considering the kind of behaviour we have witnessed from him, his 'shoot and scoot' policy of making… pic.twitter.com/LEilKdTfle
— IANS (@ians_india) October 13, 2026
हमला
गोयल ने सोनिया गांधी पर भी बोला हमला
गोयल ने कहा कि साल 2005 में सोनिया गांधी ने नवीन चावला को CEC बनाया था। उस समय की व्यवस्था में प्रधानमंत्री और सरकार CEC की नियुक्त करती थी, तो फिर कौन चल रहा था सरकार।
इसी तरह तत्कालीन CEC एन गोपालस्वामी ने चावला को कांग्रेस का पक्ष लेने के आरोप में हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने नहीं मानी।
उन्होंने कहा कांग्रेस ने CEC आरके त्रिवेदी को भी सेवानिवृत्ति के कुछ समय बाद राज्यपाल बना दिया था।