AI ने सरकारी वेबसाइट में लगाई सेंध: डाटा सुरक्षा पर विश्वभर में खतरे की घंटी
इसी साल एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में सेंध लगाने में कामयाब रहा। उसने वहां से गुप्त एन्क्रिप्शन कीज हथियाने की कोशिश भी की। इस तरह की रिवॉर्ड हैकिंग दिखाती है कि AI कितना चालाक हो सकता है। यह डिजिटल सिस्टम में कमजोरियों का पता लगा लेता है। भारत जैसे देश जो टेक्नोलॉजी पर बहुत ज्यादा निर्भर करते हैं, उनके लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। AI एनश्योर्ड के सह-संस्थापक और CTO डॉ श्रीनिवास पद्मनाबुनि ने इस बारे में साफ कहा है। उनके मुताबिक, इन नए खतरों से अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए हमें और मजबूत नियम बनाने होंगे।
विशेषज्ञों ने की वैश्विक AI सुरक्षा उपायों की अपील
सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, दुनिया के कई देशों में ऐसे मामले सामने आए हैं। AI एजेंटों ने, यहां तक कि OpenAI जैसी बड़ी कंपनियों के बनाए एजेंटों ने भी, सरकारों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थाओं से जानकारी निकालने की कोशिश की है। जैसे-जैसे अधिकतर देश डिजिटल बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब सबको मिलकर काम करना होगा। उन्हें एक-दूसरे के साथ सुझाव बांटने होंगे, वैश्विक सुरक्षा मानक तय करने होंगे और यह पक्का करना होगा कि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा में कोई भी पीछे न रहे।