ट्रंप के टैरिफ ने पलटा पासा: US ने भारत को दी ऊर्जा मदद की पेशकश
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लग सकते हैं। इनमें भारत भी शामिल है। इस कानून के लागू होने के बाद, अब अमेरिका ने भारत को ऊर्जा के नए स्रोत ढूंढने में मदद करने के लिए कदम बढ़ाया है। भले ही इस कानून से भारत को ईंधन मिलने के तरीकों में बड़ा बदलाव आ सकता है, लेकिन इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत छूट का भी एक व्यापक प्रावधान है। यह छूट भारत पर पड़ने वाले संभावित बुरे असर को कम कर सकती है और अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग के लिए नए रास्ते खोल सकती है।
भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा पर बातचीत
भारत को वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों से मिलने वाले तेल की आपूर्ति अब कम हो रही है। ऐसे में अमेरिका, जो अब LPG और LNG का एक प्रमुख निर्यातक बन गया है, इस कमी को पूरा करने का प्रस्ताव दे रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे भारतीय नेता पहले ही अमेरिकी अधिकारियों, जैसे कि सेक्रेटरी मार्को रुबियो, के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए मिलकर काम करने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। इस कदम से भारत की ईंधन के लिए किसी एक देश पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे भारत के लिए ऊर्जा के और भी कई विकल्प सामने आ सकते हैं।